
छत्तीसगढ़ न्यूज़: बिलासपुर: नर्मदा ड्रिंक्स पर आयकर विभाग की बड़ी रेड, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई, बिलासपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिरगिट्टी में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने ‘नर्मदा ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड’ के ठिकानों पर अचानक छापेमारी शुरू कर दी। यह कंपनी कोका-कोला जैसे मशहूर ब्रांड्स के पेय पदार्थों का निर्माण करती है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति के संदेह में की जा रही है।
सिरगिट्टी इंडस्ट्रियल एरिया में आईटी विभाग की दबिश
नर्मदा ड्रिंक्स पर आयकर विभाग की बड़ी रेड,मंगलवार सुबह आयकर विभाग के अधिकारियों की एक छह सदस्यीय टीम सीधे नर्मदा ड्रिंक्स के फैक्ट्री परिसर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, विभाग को लंबे समय से कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड्स में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। टीम ने फैक्ट्री में दाखिल होते ही सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया और दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी।
कई राज्यों में फैला कार्रवाई का जाल
नर्मदा ड्रिंक्स पर आयकर विभाग की बड़ी रेड,यह छापेमारी केवल बिलासपुर तक ही सीमित नहीं है। खबर है कि आयकर विभाग ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत इस ग्रुप से जुड़ी अन्य इकाइयों पर भी अलग-अलग राज्यों में एक साथ कार्रवाई की है। निवेश, लेन-देन और टैक्स फाइलिंग से जुड़े सभी कागजातों को खंगाला जा रहा है ताकि टैक्स चोरी या अघोषित संपत्ति का पता लगाया जा सके।
फैक्ट्री के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नर्मदा ड्रिंक्स पर आयकर विभाग की बड़ी रेड,जांच के दौरान किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए फैक्ट्री परिसर के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अंदर अधिकारियों द्वारा कंप्यूटर डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य निवेश संबंधी फाइलों की गहन पड़ताल जारी है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस कार्रवाई से आसपास की अन्य कंपनियों में भी हलचल तेज हो गई है।
आधिकारिक बयान का इंतज़ार
नर्मदा ड्रिंक्स पर आयकर विभाग की बड़ी रेड,सिरगिट्टी बिलासपुर का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है और नर्मदा ड्रिंक्स यहाँ की बड़ी विनिर्माण इकाइयों में से एक मानी जाती है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने फिलहाल मीडिया से दूरी बनाई हुई है। विभाग की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक हेल्थ बुलेटिन या प्रेस रिलीज जारी की जाएगी, जिससे स्पष्ट होगा कि कुल कितनी अघोषित संपत्ति या कर चोरी पकड़ी गई है।



















