केरल चुनाव में बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: मुन्नार से ‘सोनिया गांधी’ को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस खेमे में मची खलबली
पिता थे कट्टर कांग्रेसी, लेकिन पति के प्रभाव में बदली विचारधारा; नल्लाथन्नी वॉर्ड में बीजेपी की इस चाल ने बढ़ाई विपक्ष की टेंशन

मुन्नार/तिरुवनंतपुरम। केरल चुनाव में बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: मुन्नार से ‘सोनिया गांधी’ को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस खेमे में मची खलबली. केरल में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव (Kerala Panchayat Election) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक ऐसा दांव चला है, जिसने कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों को हैरान कर दिया है। मुन्नार के नल्लाथन्नी वॉर्ड में बीजेपी ने जीत हासिल करने के लिए एक अनोखा रणनीतिक फैसला लेते हुए ‘सोनिया गांधी’ (Sonia Gandhi) नाम की महिला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
बीजेपी की तरफ से ‘सोनिया गांधी’ को टिकट दिए जाने के बाद से ही मुन्नार की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के लिए यह स्थिति असहज हो गई है क्योंकि उन्हें अब एक ऐसी उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करना होगा, जिसका नाम उनकी पार्टी की शीर्ष नेता से मेल खाता है।केरल चुनाव में बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: मुन्नार से ‘सोनिया गांधी’ को बनाया उम्मीदवार
कौन हैं बीजेपी की ‘सोनिया गांधी’?
बीजेपी के टिकट पर ताल ठोक रहीं 34 वर्षीय सोनिया गांधी एक स्थानीय निवासी हैं। उनके नाम के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। सोनिया के पिता, दिवंगत दुरे राज, पेशे से मजदूर थे लेकिन वह कांग्रेस पार्टी के कट्टर समर्थक थे। पार्टी के प्रति अपनी वफादारी और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सम्मान में उन्होंने अपनी बेटी का नाम ‘सोनिया’ रखा था। हालांकि, वक्त के साथ इस ‘सोनिया’ की राजनीतिक राहें कांग्रेस से जुदा हो गईं।केरल चुनाव में बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: मुन्नार से ‘सोनिया गांधी’ को बनाया उम्मीदवार
पति के कारण बदला राजनीतिक चश्मा
बचपन से ही कामकाज में लगीं और दुकान संभालने वाली सोनिया की विचारधारा शादी के बाद बदल गई। उनके पति सुभाष मुन्नार पंचायत में बीजेपी के महासचिव हैं। पति के सक्रिय राजनीति में होने और बीजेपी की विचारधारा से प्रभावित होकर सोनिया ने भी कमल का दामन थाम लिया। यह सोनिया गांधी के जीवन का पहला चुनाव है।केरल चुनाव में बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: मुन्नार से ‘सोनिया गांधी’ को बनाया उम्मीदवार
क्या है बीजेपी का ‘नेम-गेम’?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने नल्लाथन्नी वॉर्ड (वॉर्ड नंबर 16) से सोनिया को टिकट देकर एक मनोवैज्ञानिक खेल खेला है।केरल चुनाव में बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: मुन्नार से ‘सोनिया गांधी’ को बनाया उम्मीदवार
नाम का भ्रम: बीजेपी की रणनीति इस नाम का फायदा उठाने की है। मतदाताओं के बीच ‘सोनिया गांधी’ नाम की पहचान पहले से है, जिससे बीजेपी को वोटरों को लुभाने में आसानी हो सकती है।
चर्चा का विषय: इस नाम के कारण वॉर्ड में बीजेपी उम्मीदवार की चर्चा हर जुबान पर है, जो प्रचार के लिहाज से फायदेमंद साबित हो रहा है।
त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी कांग्रेस
इस वॉर्ड में मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। बीजेपी की सोनिया गांधी के सामने कांग्रेस ने मंजुला रमेश को मैदान में उतारा है, वहीं सीपीआई (एम) की तरफ से वलारमती चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस की टेंशन यह है कि नाम के फेर में कहीं उनके पारंपरिक वोट बैंक में सेंध न लग जाए।केरल चुनाव में बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: मुन्नार से ‘सोनिया गांधी’ को बनाया उम्मीदवार









