BMC Election Controversy: मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे 8 उम्मीदवारों ने विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा नेता राहुल नार्वेकर के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उम्मीदवारों का आरोप है कि उनके नामांकन पत्र जानबूझकर स्वीकार नहीं किए गए।
क्या है पूरा मामला? रिटर्निंग ऑफिसर पर दबाव का आरोप
BMC Election Controversy: याचिकाकर्ताओं का दावा है कि वे कोलाबा के वार्ड संख्या 224 से 227 के बीच निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ना चाहते थे। 30 दिसंबर को नामांकन की अंतिम तिथि थी। उम्मीदवार सभी आवश्यक दस्तावेजों और जमानत राशि के साथ शाम 5 बजे की समय सीमा से पहले ही रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कृष्णा जाधव के कार्यालय पहुंच गए थे। उनके पास टोकन भी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद उनके फॉर्म स्वीकार नहीं किए गए।
राहुल नार्वेकर पर लगे गंभीर आरोप
BMC Election Controversy:याचिका में सीधे तौर पर भाजपा नेता राहुल नार्वेकर का नाम लिया गया है। उम्मीदवारों का आरोप है कि नार्वेकर ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पुलिस और चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाया। आरोप है कि नार्वेकर खुद कई बार चुनाव कार्यालय आए और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन 8 उम्मीदवारों के फॉर्म न लिए जाएं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्हें रात 8:30 बजे तक बिठाकर रखा गया और फिर पुलिस की मदद से जबरन परिसर से बाहर निकाल दिया गया।
परिवारवाद और सियासी समीकरण का जिक्र
BMC Election Controversy:याचिका में इस घटनाक्रम के पीछे के कारणों का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि जिन वार्डों (225, 226 और 227) से ये उम्मीदवार लड़ना चाहते थे, वहां से राहुल नार्वेकर के परिवार के सदस्य चुनाव मैदान में हैं। इनमें उनके भाई मकरंद नार्वेकर, भाभी हर्षिता नार्वेकर और चचेरी बहन गौरवी शिवालकर शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अपने परिवार के उम्मीदवारों को फायदा पहुँचाने के लिए उनके नामांकन को बाधित किया गया।
हाईकोर्ट से की गई ये मांगें
BMC Election Controversy:इन 8 उम्मीदवारों (बबन गोविंद महाडिक, नीरज राठौड़, वैशाली गावड़े और अन्य) ने अदालत से निम्नलिखित मांगें की हैं:
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राज्य चुनाव आयोग को उनके नामांकन पत्र स्वीकार करने का आदेश दिया जाए।
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रिटर्निंग ऑफिसर कृष्णा जाधव को तुरंत निलंबित कर उनके खिलाफ जांच शुरू हो।
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30 दिसंबर की घटना की निष्पक्ष जांच के लिए चुनाव कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज मंगाए जाएं।
हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है और कहा है कि इस पर उचित समय पर विचार किया जाएगा।
राहुल नार्वेकर की सफाई
BMC Election Controversy:इन आरोपों पर राहुल नार्वेकर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। नार्वेकर के अनुसार, वे केवल अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन के लिए वहां मौजूद थे और उन्होंने किसी भी प्रक्रिया में बाधा नहीं डाली।
67 पार्षदों के निर्विरोध निर्वाचन पर भी बढ़ा विवाद
BMC Election Controversy:BMC चुनाव में केवल कोलाबा ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी विवाद बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र में 67 पार्षदों के निर्विरोध चुने जाने पर मनसे (MNS) और कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। राज ठाकरे की पार्टी मनसे के नेता अविनाश जाधव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि सत्ताधारी दल ने डरा-धमकाकर और पैसों का लालच देकर विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन वापस कराए हैं।