
कोरबा : जेके हॉस्पिटल के डॉ. लहरे और स्टाफ पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज, लापरवाही से मौत का आरोप. कोरबा के जेके हॉस्पिटल के संचालक डॉ. जे.के. लहरे और उनके अन्य स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (धारा 304-ए, 34-आईपीसी) का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक मरीज संतोष कुमार डनसेना की कथित तौर पर लापरवाही भरे इलाज के कारण हुई मौत के संबंध में की गई है। परिजनों ने मरीज का शव लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच कराई थी।
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के करनौद निवासी 47 वर्षीय संतोष कुमार डनसेना को 13 मार्च 2022 को शाम 5 बजे इलाज के लिए आईटीआई रामपुर, कोरबा स्थित जेके हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के कुछ ही देर बाद, शाम 5:32 बजे मरीज की मौत हो गई।जेके हॉस्पिटल के डॉ. लहरे और स्टाफ पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
परिजनों ने आरोप लगाया कि जेके हॉस्पिटल के संचालक डॉ. जे.के. लहरे और हॉस्पिटल के अन्य स्टाफ ने लापरवाही पूर्वक इलाज किया, जिसके कारण संतोष की मृत्यु हो गई। इस आरोप के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। रात 10:20 बजे हॉस्पिटल के स्टाफ मनीष पटेल ने रामपुर चौकी में इस संबंध में आवेदन दिया।जेके हॉस्पिटल के डॉ. लहरे और स्टाफ पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
टीम गठित कर हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पंचों और परिजनों के बयान दर्ज किए। मामले की गहराई से जांच के लिए जिला अस्पताल कोरबा द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में डॉ. श्रीमती सी.के. सिंह (डी.एच.ओ.), डॉ. कुमार पुष्पेश (डी.एम.ओ.) और डॉ. अतीक सिद्दीकी (एन.ओ.एन.एच.ए.) जैसे वरिष्ठ चिकित्सक शामिल थे।जेके हॉस्पिटल के डॉ. लहरे और स्टाफ पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मरीज संतोष कुमार की मृत्यु डॉक्टर द्वारा लापरवाही पूर्वक इलाज करने से हुई है। मर्ग जांच में यह रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने जिला लोक अभियोजन अधिकारी कोरबा से विधिक राय ली।जेके हॉस्पिटल के डॉ. लहरे और स्टाफ पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
विधिक राय मिलने के बाद, संतोष कुमार डनसेना की मौत के मामले में डॉ. जे.के. लहरे और हॉस्पिटल के अन्य स्टाफ के विरुद्ध थाना सिविल लाइन रामपुर में धारा 304-ए (गैर इरादतन हत्या) और 34-आईपीसी (सामान्य आशय) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह घटना चिकित्सा के क्षेत्र में लापरवाही के गंभीर परिणामों को रेखांकित करती है और अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।जेके हॉस्पिटल के डॉ. लहरे और स्टाफ पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज









