CBI Action in Basti: लोन के लिए मांगी 10 हजार की घूस, जाल बिछाकर CBI ने बैंक मैनेजर को रंगेहाथों दबोचा!

CBI Action in Basti: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी स्ट्राइक की है। बैंक से लोन पास कराने के बदले रिश्वत मांगना एक ब्रांच मैनेजर को भारी पड़ गया। सीबीआई ने छापेमारी कर मैनेजर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के नाम पर वसूली
CBI Action in Basti: मामला बस्ती जिले के ‘उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक’ की बेरता शाखा (मखौड़ा धाम) का है। मिली जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के तहत अपने व्यवसाय के लिए 5 लाख रुपये का लोन आवेदन किया था। लोन मंजूर भी हो गया और उसे पहली किस्त के रूप में 2 लाख 72 हजार रुपये मिल गए। लेकिन जैसे ही बाकी की रकम जारी करने का वक्त आया, बैंक मैनेजर की नीयत डोल गई।
15 हजार की मांग और 10 हजार का ‘डील’
CBI Action in Basti: आरोप है कि ब्रांच मैनेजर ने बाकी रकम जारी करने के एवज में एक निजी व्यक्ति (जो बैंक में चपरासी के तौर पर काम करता था) के जरिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। काफी मिन्नतें करने के बाद यह सौदा 10 हजार रुपये पर तय हुआ। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी सीबीआई को दे दी।
CBI का बिछाया जाल और रंगेहाथों गिरफ्तारी
CBI Action in Basti: शिकायत मिलते ही सीबीआई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 जनवरी को केस दर्ज किया और तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया। 6 जनवरी को जैसे ही शिकायतकर्ता ने बैंक मैनेजर के इशारे पर तय रकम (10 हजार रुपये) उस निजी व्यक्ति को सौंपी, पहले से घात लगाकर बैठी सीबीआई की टीम ने दोनों को रंगेहाथों दबोच लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
CBI Action in Basti: सीबीआई ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को कड़ा संदेश जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप
CBI Action in Basti: बस्ती जिले के ग्रामीण अंचल में सीबीआई की इस तरह की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। बैंक कर्मियों और दलालों के बीच इस गिरफ्तारी के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। सीबीआई अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मैनेजर ने पहले भी किसी और से लोन के नाम पर अवैध वसूली की है।



















