चलती ट्रेन में CBI का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: लखनऊ के बड़े अधिकारी के पास मिला नोटों का जखीरा, विभाग में मचा हड़कंप!

CBI Raid in Moving Train: चलती ट्रेन में CBI का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: लखनऊ के बड़े अधिकारी के पास मिला नोटों का जखीरा, विभाग में मचा हड़कंप! मध्य प्रदेश के कटनी (Katni) में एक फिल्मी सीन जैसा वाक्या सामने आया है। यहाँ चलती ट्रेन में सीबीआई (CBI) ने दबिश देकर सेंट्रल कमांड लखनऊ के एक बड़े अधिकारी को धर दबोचा। अधिकारी के पास से भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है, जिसके बाद से ही रक्षा और रेलवे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारी चित्रकूट एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे, तभी जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की।
बैग खुलते ही उड़े होश: मिले लाखों रुपये कैश
खबरों के मुताबिक, सीबीआई को खुफिया इनपुट मिला था कि सेंट्रल कमांड, लखनऊ में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी भारी नकदी लेकर सफर कर रहे हैं। 7 दिसंबर को जैसे ही चित्रकूट एक्सप्रेस कटनी के पास पहुंची, सीबीआई की टीम ने ट्रेन में छापा मारा। तलाशी के दौरान अधिकारी के बैग से करीब 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि इसका पता अब जाकर लगा है।चलती ट्रेन में CBI का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
जबलपुर से लौट रहे थे, सवालों में उलझे
जानकारी के अनुसार, पकड़े गए अधिकारी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) से जुड़े निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने जबलपुर आए थे। काम खत्म कर वह वापस लखनऊ लौट रहे थे। जब सीबीआई अधिकारियों ने उनसे नोटों की गड्डियों के बारे में सवाल किया और इसका स्रोत (Source) पूछा, तो वह कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। न तो वह पैसे का हिसाब दे सके और न ही कोई दस्तावेज दिखा पाए।चलती ट्रेन में CBI का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
रिश्वत या कमीशन का खेल? खंगाली जा रही कुंडली
मौके पर जवाब न मिलने के बाद सीबीआई की टीम अधिकारी को हिरासत में लेकर जबलपुर स्थित अपने दफ्तर ले गई। वहां उनसे देर रात तक कड़ी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी को शक है कि बरामद की गई यह रकम किसी प्रोजेक्ट को पास करने के एवज में ली गई ‘रिश्वत’ या ‘कमीशन’ हो सकती है। अब सीबीआई यह पता लगा रही है कि जबलपुर दौरे के दौरान यह अधिकारी किन-किन ठेकेदारों और लोगों से मिले थे।चलती ट्रेन में CBI का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
संपत्ति और कॉल डिटेल्स की होगी जांच
सीबीआई की कार्रवाई सिर्फ कैश तक सीमित नहीं है। अब अधिकारी के बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और हाल ही में मंजूर किए गए MES प्रोजेक्ट्स की फाइलों की भी जांच की जा सकती है। यह देखा जाएगा कि क्या हालिया दिनों में कोई बड़ा टेंडर या भुगतान पास किया गया है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक रूप से एफआईआर की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि सबूतों के आधार पर जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जाएगा।चलती ट्रेन में CBI का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’









