CG Election 2023: पाटन-सक्ती ही नहीं इन 10 सीटों पर भी हो रही है कांटे की टक्कर, कई दिग्गज नेताओं की साख दांव पर

निडर छत्तीसगढ़। CG Election 2023:प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीटों में पाटन विधानसभा सीट भी शामिल है, जहां पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव लड़ रहे हैं, उनको भतीजे और सांसद विजय बघेल के साथ-साथ अमित जोगी से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसके अलावा अंबिकापुर और सक्ती विधानसभा सीटें शामिल हैं।
CG Election 2023:चुनाव में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के साथ एक अन्य पार्टी है जनता छत्तीसगढ़ कांग्रेस, जो यहां पर कड़ी चुनौती देने को तैयार दिख रही है। साल 2016 में कांग्रेस से अलग होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी द्वारा जनता छत्तीसगढ़ कांग्रेस (JCCJ) नाम से एक नई पार्टी का गठन किया गया था। जिसके बाद 2018 के चुनाव में बीएसपी और सीपीआई के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा जिसमें उसे 5 सीटों पर जीत मिली और चुनाव में 7.65% वोट हासिल किए। आइए, देखते हैं प्रदेश की 10 हाई प्रोफाइल सीटों पर जहां पर चुनाव में बाजी किसके हाथ लगेगी और किसके सीट पर ताज सजेगा।

पाटनः CM बघेल को उनके घर में कड़ी चुनौती(CG Election 2023)
CG Election 2023:पाटन विधानसभा सीट प्रदेश की बेहद हाई प्रोफाइल सीट है क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें यहा से त्रिकोणीय चुनौती मिल रही है। BJP ने CM बघेल के सामने उनके भतीजे विजय बघेल को चुनावी मैदान में उतारा है, जो कि वर्तमान सांसद भी है। विजय बघेल दुर्ग लोकसभा सीट से सांसद हैं। विजय बघेल के अलावा इसी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 2018 के चुनाव में पाटन विधानसभा सीट से भूपेश बघेल ने 27,477 बड़े अंतर से जीत हासिल की थी.

अंबिकापुर सीटः टीएस बाबा को मिलेगी चुनौती? (CG Election 2023)
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश की सियासत में दमदार एवं कुशल राजनीतिज्ञ टीएस सिंह देव एक बार फिर अंबिकापुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। वह इस सीट से लगातार 3 बार चुनाव जीत चुके हैं। कांग्रेस ने इस बार भी टीएस सिंह देव को फिर से मौका दिया है, जबकि बीजेपी ने राजेश अग्रवाल पर भरोसा जताया है। अब देखना होगा कि पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रवाल क्या टीएस सिंह देव को टक्कर दे पाएंगे। राजेश पहले कांग्रेस में थे. 2018 में बीजेपी में शामिल हो थे।
भरतपुर-सोनहत सीटः क्या BJP का दांव पेच काम में आयेगा(CG Election 2023)
भरतपुर-सोनहत सीट पर सभी की नजर लगी हुई है। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की भरतपुर-सोनहत सीट पर बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने रेणुका सिंह की चुनौती के जवाब में वर्तमान विधायक गुलाब सिंह कामरो को टिकट दिया है। ऐसे में यहां कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। इस क्षेत्र गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी का दबदबा रहता है। ऐसे में यहां पर मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। गोंडवाना पार्टी इस बार अपना दबदबा बनाने में कामयाब दिखाई दे रही है।
पत्थलगांव सीटः पूर्व विधायक एवम वर्तमान सांसद आमने सामने (CG Election 2023)
जशपुर जिले में पत्थलगांव विधानसभा सीट प्रदेश के हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पत्थलगांव सीट पर बीजेपी ने लोकसभा सांसद गोमती साय को मैदान में उतारा है तो वही दूसरी तरफ कांग्रेस ने रामपुकार सिंह को फिर से मौका दिया है। 2018 के चुनाव में पत्थलगांव सीट पर कांग्रेस के रामपुकार सिंह ने जीत हासिल की थी, तब उन्होंने बीजेपी के शिवशंकर पैनकारा को 36 हजार वोटों से अधिक के अंतर से हराया था।
रामपुर सीटः ननकीराम Vs फूलचंद रठिया(CG Election 2023)
कोरबा जिले के रामपुर विधानसभा सीट पर अभी बीजेपी का कब्जा है। पिछली बार 2018 के चुनाव में मुकाबला यहां पर त्रिकोणीय था। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर को टिकट दिया है, वही कांग्रेस की ओर से फूलचंद रठिया सामने मैदान में हैं। इस आदिवासी बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र में पिछले 3 चुनाव में बीजेपी को 2 बार तो कांग्रेस एक बार जीत मिली है।
लोरमी सीटः BJP ने प्रदेश अध्यक्ष को मैदान में उतारा (CG Election 2023)
मुंगेली जिले की लोरमी विधानसभा सीट पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। बीजेपी ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और बिलासपुर से लोकसभा सांसद अरुण साव को मैदान में उतारा है। जिसके जवाब में कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू को मैदान में उतारा है। साहू राज्य के पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हैं। लोरमी सीट पर 2018 के चुनाव में अमित जोगी की पार्टी जेसीसीजे के धर्मजीत सिंह को जीत मिली थी।
सक्ती सीटः चरण दास महंत पर टिकी नजर (CG Election 2023)
जांजगीर-चांपा जिले में पड़ने वाली विधानसभा सीट है सक्ती सीट। सक्ती सीट से कांग्रेस ने विधानसभा के स्पीकर चरण दास महंत को मैदान में उतारा है। जिनके सामने बीजेपी की ओर से खिलावन साहू को टिकट दिया है। खिलावन साहू एमबीबीएस डिग्री धारक हैं और पेशे से एक डॉक्टर हैं। वह 2013 में पहली बार विधायक बने। 2018 के चुनाव में चरण दास महंत को जीत मिली थी। चरण दास प्रदेश के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। वह केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं।

दुर्ग ग्रामीण सीटः क्या ताम्रध्वज साहू बाजी मार पाएंगे?(CG Election 2023)
दुर्ग जिले की दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट बेहद चर्चित सीटों में से एक है। इस सीट पर पिछले 3 चुनाव में 3 अलग-अलग उम्मीदवार को जीत मिली है। प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू यहां से उम्मीदवार हैं, जिसके जवाब में बीजेपी ने ललित चंद्राकर को टिकट दिया है। 2018 के चुनाव में ताम्रध्वज साहू को जीत मिली थी। 2013 में बीजेपी यहां से विजयी रही थी।
रायपुर दक्षिण : क्या बृजमोहन के गढ़ में लगेगी सेंध?(CG Election 2023)
राजधानी रायपुर की दक्षिण सीट पर भी सभी की नजरें अटकी हुई हैं। यहां से लगातार बीजेपी के बृजमोहन अग्रवाल जीतते आ रहे है। बृज मोहन अग्रवाल 2008 से यहां से लगातार 4 बार चुनाव जीत चुके हैं। कांग्रेस ने उनके सामने महंत राम सुंदर दास के यहां से मैदान में उतारा है।
बिलासपुर सीटः क्या बीजेपी को यहां पर मिलेगी जीत? (CG Election 2023)
बिलासपुर जिले की महत्वपूर्ण सीटों में से एक सीट है बिलासपुर सीट। बीजेपी ने यहां से अमर अग्रवाल को मैदान में उतारा है। वह 15 साल तक राज्य में मंत्री बने रहे। वह फिर से मैदान में हैं और उनके सामने कांग्रेस ने शैलेष पांडे को उतारा है। शैलेष पांडे को यहां से 2018 में जीत मिली थी तो वही अमर अग्रवाल को 2013 में यहा जीत मिली थी।



















