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CG Govt Employees Treatment: प्राइवेट अस्पतालों के लिए नई गाइडलाइंस जारी, मान्यता के लिए देना होगा 3 लाख तक का शुल्क; देखें पूरी लिस्ट

CG Govt Employees Treatment: Chhattisgarh Government Health Update: छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य शासन ने प्राइवेट हॉस्पिटलों के लिए Empanelment (मान्यता) प्रक्रिया के नए नियमों और शुल्कों (Fees) का ऐलान कर दिया है। अब शासकीय कर्मचारियों का इलाज करने के लिए निजी अस्पतालों को सरकार के पास ₹50,000 से लेकर ₹3 लाख तक की फीस जमा करनी होगी।

CG Govt Employees Treatment: यह निर्णय Medical Education Department (चिकित्सा शिक्षा विभाग) द्वारा लिया गया है ताकि इलाज की गुणवत्ता और अस्पतालों की सुविधाओं को सुनिश्चित किया जा सके।

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क्यों जरूरी है यह मान्यता (Accreditation)?

CG Govt Employees Treatment: छत्तीसगढ़ सरकार अपने कर्मचारियों और उनके परिजनों को Cashless/Free Treatment की सुविधा देती है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अस्पतालों को सरकारी पैनल में शामिल होना पड़ता है। पिछले साल प्रदेश के लगभग 134 और दूसरे राज्यों के 60 से अधिक बड़े अस्पतालों को इसके लिए रजिस्टर किया गया था।

Hospital Registration Fees: किस हॉस्पिटल को कितनी देनी होगी फीस?

CG Govt Employees Treatment: नए नियमों के अनुसार, अस्पतालों की कैटेगरी और बेड की संख्या के आधार पर आवेदन शुल्क (Application Fee) तय किया गया है:

Hospital CategoryBeds CapacityRegistration Fee
Single Specialty Hospital20 से 50 बेड₹50,000
Single Super Specialty20 से 50 बेड₹1,00,000
Multi-Specialty Hospital30 से 100 बेड₹1,50,000
Multi Super Specialty30 से 100 बेड₹2,00,000
Large Multi Super Specialty100 से 200 बेड₹3,00,000

नोट: इन सभी शुल्कों के साथ निर्धारित GST अलग से देय होगा।

डेंटल क्लीनिक और रिन्यूअल के नियम (Special Rules for Dental & Renewal)

  • Dental Clinics: दंत चिकित्सा के लिए योजना में शामिल होने वाले अस्पतालों को प्रथम निरीक्षण (First Inspection) के लिए 1 लाख रुपये + GST देना होगा।

  • Annual Renewal: पैनल में बने रहने के लिए हर साल ₹30,000 से ₹1 लाख तक का रिन्यूअल और इंस्पेक्शन शुल्क देना अनिवार्य है।

  • Late Fine: अगर कोई हॉस्पिटल वार्षिक कैलेंडर या समय सीमा का पालन नहीं करता है, तो उसे ₹1,000 प्रतिदिन के हिसाब से विलंब शुल्क (Late Fee) देना होगा।

कड़ा होगा निरीक्षण (Strict Inspection Process)

CG Govt Employees Treatment: चिकित्सा शिक्षा विभाग आवेदन मिलने के बाद अस्पतालों का बारीकी से निरीक्षण करेगा। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, डॉक्टरों की टीम और बेड की व्यवस्था की जांच की जाएगी। मापदंडों (Criteria) पर खरा उतरने के बाद ही उन्हें सरकारी कर्मचारियों के इलाज की अनुमति दी जाएगी।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

CG Govt Employees Treatment: इस प्रक्रिया से केवल वही अस्पताल पैनल में शामिल हो पाएंगे जो सरकार के कड़े मानकों को पूरा करते हैं। इससे कर्मचारियों को बेहतर इलाज मिलेगा और फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी। साथ ही, दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों के जुड़ने से गंभीर बीमारियों के इलाज में भी आसानी होगी।

Dr. Tarachand Chandrakar

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