
CG NewsRaipur Online Betting Bust: CG News: महादेव ऐप के अंदाज में चल रहा था ‘Online Satta’, पुलिस ने खंडहर पर मारा छापा; ₹18 लाख से ज्यादा कैश बरामद!, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने ‘महादेव सट्टा सिंडिकेट’ (Mahadev Syndicate Style) की तर्ज पर चल रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टे के कारोबार का खुलासा किया है। कबीर नगर पुलिस ने एक सुनसान खंडहर में छापा मारकर 4 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
CG News:हैरानी की बात यह है कि ये आरोपी हाई-टेक वेबसाइट्स के जरिए सट्टे का नेटवर्क एक पुराने खंडहर मकान से ऑपरेट कर रहे थे ताकि किसी को शक न हो।
इन वेबसाइट्स के जरिए फैलाया था जाल
CG News:गिरफ्तार आरोपी कोई साधारण सटोरिये नहीं हैं, बल्कि वे इंटरनेशनल सिंडिकेट की तरह मास्टर आईडी (Master ID) लेकर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, ये लोग मुख्य रूप से इन तीन वेबसाइट्स का इस्तेमाल कर रहे थे:
Ramco777.com
Wood777.com
Powerexch.com
खंडहर में पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
CG News:बुधवार शाम को तिरंगा चौक (कबीर नगर) के पास एक खंडहर में सट्टा चलने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी की, तो वहां दीपक सचदेवा, ऋषभ रंगलानी और गौरव सचदेवा को सट्टा ऑपरेट करते पाया गया।
CG News:पूछताछ में चौथे आरोपी ओम खेमानी का नाम सामने आया, जिसे हीरापुर के छठ तालाब इलाके से दबोचा गया। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कुल 18.45 लाख रुपये कैश, कई स्मार्टफोन, बैंक पासबुक और 25 से ज्यादा ATM/Credit Cards जब्त किए हैं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? (Accused List)
CG News:पुलिस ने जिन चार मास्टरमाइंड्स को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
दीपक सचदेवा
गौरव सचदेवा
ऋषभ रंगलानी
ओम खेमानी
कैसे होता था ‘सट्टे का खेल’? (Modus Operandi)
CG News:जांच में पता चला कि ये आरोपी ऑनलाइन सट्टे की मास्टर आईडी के जरिए लोगों के अकाउंट बनाते थे और क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाते थे। सट्टे से होने वाली कमाई को अलग-अलग बैंक खातों (Benami Accounts) में ट्रांसफर किया जाता था और फिर एटीएम के जरिए कैश निकाल लिया जाता था।
कड़ी कानूनी कार्रवाई (Legal Action)
CG News:रायपुर पुलिस ने इन चारों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 (धारा 7) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो इन्हें ये मास्टर आईडी बनाकर देते थे। बैंक खातों की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि पूरे ‘मनी ट्रेल’ (Money Trail) का पता लगाया जा सके।



















