CG News: आयुर्वेद पर बढ़ा लोगों का भरोसा, हर महीने पहुंच रहे 600 से ज्यादा मरीज; इलाज और दवाइयां बिल्कुल मुफ्त
जिला अस्पताल में प्राचीन चिकित्सा पद्धति का कमाल: हर गुरुवार को बुजुर्गों के लिए लगता है 'सियान जतन क्लीनिक', जटिल रोगों का हो रहा सफल उपचार।

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों के नजरिए में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब लोग केवल एलोपैथी पर निर्भर न रहकर प्राचीन चिकित्सा पद्धति यानी आयुर्वेद की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। जिला अस्पताल स्थित आयुर्वेद आयुष अस्पताल में बढ़ती भीड़ इस बात का सबूत है कि लोगों का रुझान अब प्राकृतिक उपचार की तरफ बढ़ रहा है। यहां कई जटिल रोगों का इलाज प्राचीन विधि से किया जा रहा है।
महीने में 600 से ज्यादा मरीज, बुजुर्गों की संख्या सर्वाधिक
जिला अस्पताल के आयुष केंद्र में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। एक समय था जब यहाँ इक्का-दुक्का मरीज ही पहुंचते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, अब हर महीने 600 से अधिक मरीज यहां अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं।आयुर्वेद पर बढ़ा लोगों का भरोसा, हर महीने पहुंच रहे 600 से ज्यादा मरीज; इलाज और दवाइयां बिल्कुल मुफ्त
विशेष रूप से वृद्ध वर्ग (बुजुर्गों) में आयुर्वेद के प्रति विश्वास ज्यादा देखने को मिल रहा है। बुजुर्गों की सेहत और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने एक खास पहल भी की है। यहां सप्ताह में हर गुरुवार को ‘सियान जतन क्लीनिक’ का संचालन किया जाता है, जहां विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों की जांच और उपचार किया जाता है।आयुर्वेद पर बढ़ा लोगों का भरोसा, हर महीने पहुंच रहे 600 से ज्यादा मरीज; इलाज और दवाइयां बिल्कुल मुफ्त
निशुल्क इलाज और दवाइयों की सुविधा
आयुष केंद्र के फार्मासिस्ट खिलानंद साहू ने बताया कि पिछले कुछ सालों में आयुर्वेद से जुड़ने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां परामर्श और उपचार पूरी तरह नि:शुल्क है।आयुर्वेद पर बढ़ा लोगों का भरोसा, हर महीने पहुंच रहे 600 से ज्यादा मरीज; इलाज और दवाइयां बिल्कुल मुफ्त
डॉक्टर द्वारा इलाज के बाद मरीजों को जरूरी आयुर्वेदिक दवाइयां भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं। यही कारण है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के साथ-साथ अब आम लोग भी जटिल और पुराने रोगों के इलाज के लिए आयुष अस्पताल का रुख कर रहे हैं। प्राचीन चिकित्सा पद्धति से मिल रहे लाभ और साइड इफेक्ट्स (दुष्प्रभाव) न होने के कारण यह पद्धति लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है।आयुर्वेद पर बढ़ा लोगों का भरोसा, हर महीने पहुंच रहे 600 से ज्यादा मरीज; इलाज और दवाइयां बिल्कुल मुफ्त









