
CG Scam Update: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। करीब 11,000 करोड़ रुपये के विभिन्न घोटालों में जांच एजेंसियों (EOW और ED) ने 107 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया है। इस कार्रवाई की जद में पूर्व आईएएस, आईएफएस अधिकारी और रसूखदार नेता शामिल हैं।
महादेव सट्टा से लेकर कोयला और शराब तक: घोटालों की पूरी लिस्ट
CG Scam Update:छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े घोटाले सामने आए हैं, जिनकी जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। ईओडब्ल्यू (EOW) ने लगभग 200 ठिकानों पर छापेमारी कर 183 आरोपियों के खिलाफ 13 से अधिक चालान पेश किए हैं।
1. महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाला (₹6,000 करोड़)
यह इस कड़ी का सबसे बड़ा घोटाला है। महादेव ऐप के जरिए हजारों करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम सोनी को फरार घोषित किया गया है। राज्य सरकार की सिफारिश पर अब इस मामले की कमान CBI ने संभाल ली है।
2. शराब घोटाला (₹3,200 करोड़)
शराब सिंडिकेट के जरिए सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया गया। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, निरंजन दास और सौम्या चौरसिया को आरोपी बनाया गया है। ईडी (ED) ने इस मामले में फाइनल चालान पेश कर दिया है।
3. कोयला लेवी घोटाला (₹570 करोड़)
कोयला परिवहन में अवैध वसूली का यह सिंडिकेट काफी समय तक सक्रिय रहा। इसमें निलंबित आईएएस रानु साहू, समीर विश्नोई और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की मुख्य भूमिका बताई गई है। एजेंसियों ने इनके 15 ठिकानों पर छापेमारी की है।
4. डीएमएफ और कस्टम मिलिंग घोटाला (₹640 करोड़)
DMF घोटाला: जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि में करीब 500 करोड़ की अनियमितता पाई गई है, जिसमें रानु साहू और अन्य अधिकारी शामिल हैं।
कस्टम मिलिंग: चावल मिलिंग के नाम पर 140 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है, जिसमें मार्कफेड के पूर्व अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है।
सरकारी नौकरियों में भी सेंध: राजस्व निरीक्षक भर्ती घोटाला
CG Scam Update:सिर्फ संसाधनों में ही नहीं, बल्कि नौकरियों में भी भ्रष्टाचार का खेल खेला गया। 2024 में आयोजित पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे। जांच में पाया गया कि अपात्र लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखा गया। इस मामले में भी ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारियां की हैं।
सुकमा का तेंदूपत्ता घोटाला
CG Scam Update:वनांचल क्षेत्रों में आदिवासियों के हक पर डाका डालते हुए करीब 7 करोड़ रुपये का तेंदूपत्ता घोटाला किया गया। इसमें पूर्व वनमंडलाधिकारी (DFO) अशोक पटेल समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
नया खुलासा: कोरबा DMF से ₹25 करोड़ का ‘फर्जी’ ट्रांसफर
CG Scam Update:भ्रष्टाचार की परतें खुलते ही एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2018 में कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर द्वारा डीएमएफ के खाते से 25 करोड़ रुपये एक निजी संस्थान (सीपेट) के नाम पर फर्जी तरीके से ट्रांसफर किए गए। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि वह राशि संस्थान को कभी मिली ही नहीं। केंद्र सरकार के खान मंत्रालय ने अब छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी?
CG Scam Update:ईओडब्ल्यू और एसीबी चीफ अमरेश मिश्रा के अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विशेष न्यायालय में चालान पेश करने के साथ ही अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



















