CGPSC Scam: 1 करोड़ में ‘सौदा’ और डिप्टी कलेक्टर की कुर्सी! CBI चार्जशीट में बारनवापारा की साजिश का बड़ा खुलासा

CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में सीबीआई (CBI) की जांच ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। CBI द्वारा अदालत में पेश की गई अंतिम चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें बताया गया है कि कैसे एक गिरोह ने मिलकर प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित पदों की बोली लगाई थी।
बारनवापारा के घने जंगलों में रची गई ‘भर्ती घोटाले’ की पटकथा
CGPSC Scam: जांच में यह तथ्य सामने आया है कि राजधानी रायपुर से लगभग 125 किलोमीटर दूर बारनवापारा के रिसॉर्ट और जंगलों का उपयोग इस बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए किया गया था। यहाँ न केवल प्रश्नपत्र लीक किए गए, बल्कि अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी। CBI की रेड के दौरान यहाँ से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और 29 संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची बरामद हुई थी।
रेट कार्ड फिक्स: 1 करोड़ रुपये में डिप्टी कलेक्टर का पद!
CGPSC Scam: CBI की चार्जशीट में सबसे सनसनीखेज खुलासा पदों की ‘कीमत’ को लेकर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार:
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डिप्टी कलेक्टर जैसे उच्च पदों के लिए 1 करोड़ रुपये तक का रेट तय किया गया था।
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अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा (Mains) के असली प्रश्नपत्र पहले ही उपलब्ध करा दिए गए थे।
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आरोपियों ने परीक्षार्थियों को कमरों में बैठाकर पेपर हल करवाने की पूरी व्यवस्था की थी।
‘टामन गिरोह’ और कोचिंग संचालक की भूमिका पर बड़ा खुलासा
CGPSC Scam: इस पूरे खेल में विकास और उत्कर्ष चंद्राकर के नाम प्रमुखता से उभरे हैं। चार्जशीट के अनुसार, एक कोचिंग सेंटर के संचालक के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुँचाने की कोशिश की गई। हालांकि, एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि जिन 29 अभ्यर्थियों की सूची रेड में मिली थी, उनमें से किसी का भी अंतिम चयन नहीं हो सका। CBI ने अब इन 29 लोगों को गवाह के रूप में शामिल किया है।
13 आरोपी नामजद: अध्यक्ष से लेकर परीक्षा नियंत्रक तक शिकंजे में
CGPSC Scam: CBI ने अपनी जांच के बाद CGPSC के तत्कालीन:
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अध्यक्ष
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सचिव
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परीक्षा नियंत्रक
सहित कुल 13 लोगों को मुख्य अभियुक्त बनाया है। इन पर पद का दुरुपयोग करने, भ्रष्टाचार और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
तत्कालीन सरकार के कार्यकाल का है मामला
CGPSC Scam: यह पूरा घोटाला साल 2021 की सीजीपीएससी परीक्षा (CGPSC 2021) से जुड़ा है, जिसका आयोजन जुलाई 2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शासनकाल में हुआ था। CBI का मानना है कि इस घोटाले के तार कई प्रभावशाली नेताओं और उच्च पदस्थ अधिकारियों से जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहराई से जांच अभी भी जारी है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
CGPSC Scam: प्रदेश के लाखों युवाओं ने जहाँ मेहनत के दम पर सफलता पाने का सपना देखा था, वहीं इस खुलासे ने सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रश्नपत्र साल्वर से लेकर प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत ने छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया को कलंकित कर दिया है।









