
CGPSC Scam Update: CGPSC घोटाला: CBI का बड़ा एक्शन! 400 पन्नों की फाइनल चार्जशीट पेश, पूर्व अध्यक्ष समेत 13 रसूखदार बने आरोपी, छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती घोटाले में जांच एजेंसी CBI ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई ने शुक्रवार को विशेष अदालत में इस घोटाले से जुड़ी करीब 400 पन्नों की अंतिम चार्जशीट (Final Chargesheet) दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में तत्कालीन अध्यक्ष और परीक्षा नियंत्रक सहित कुल 13 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
रसूखदारों की बढ़ी मुश्किलें: ये हैं मुख्य आरोपी
CGPSC Scam Update:सीबीआई की चार्जशीट में उन नामों का खुलासा हुआ है जिन्होंने कथित तौर पर योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। इस लिस्ट में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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टामन सिंह सोनवानी: सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष।
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जीवन किशोर ध्रुव: तत्कालीन सचिव।
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आरती वासनिक: परीक्षा नियंत्रक।
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श्रवण कुमार गोयल: उद्योगपति।
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इसके अलावा टामन सोनवानी के रिश्तेदार नितेश सोनवानी, साहिल सोनवानी और उद्योगपति के करीबी शशांक गोयल, भूमिका कटारिया सहित उत्कर्ष चंद्राकर का नाम भी शामिल है।
बारनवापारा रिसॉर्ट और परीक्षा केंद्र का ‘सस्पेंस’
CGPSC Scam Update:सीबीआई की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। चार्जशीट के अनुसार, घोटाले की साजिश रचने के लिए बारनवापारा को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। आरोप है कि यहाँ परीक्षार्थियों के रुकने और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उत्कर्ष चंद्राकर के रिसॉर्ट में थी। सीबीआई ने इस मामले में 29 परीक्षार्थियों को गवाह बनाया है, जिनकी गवाही कोर्ट में इस केस को और मजबूत करेगी।
क्या था 171 पदों की भर्ती का पूरा खेल?
यह पूरा मामला साल 2021 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें 171 पदों के लिए विज्ञप्ति निकाली गई थी।
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प्री-परीक्षा: 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए।
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मेंस परीक्षा: मई 2022 में आयोजित हुई, जिसमें 509 अभ्यर्थी इंटरव्यू तक पहुंचे।
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फाइनल लिस्ट: 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई।
CGPSC Scam Update:आरोप है कि इस चयन सूची में मेरिट को दरकिनार कर राजनेताओं, बड़े अधिकारियों और रसूखदारों के बच्चों और रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे उच्च पदों पर नियुक्त किया गया।
योग्य उम्मीदवारों के साथ हुआ ‘सिस्टम’ का धोखा
CGPSC Scam Update:सीजीपीएससी घोटाला 2020 से 2022 के बीच की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इंटरव्यू और मुख्य परीक्षा के अंकों में हेरफेर कर अपात्र लोगों को फायदा पहुँचाया गया। राज्य सरकार द्वारा मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद अब चार्जशीट पेश होने से पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय की उम्मीद जगी है। कोर्ट की आगामी सुनवाई में इस घोटाले की कड़ियां और भी स्पष्ट होने की संभावना है।









