रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत से हड़कंप: ‘गुप्त’ शिफ्टिंग पर परिजनों का फूटा गुस्सा, गरमाई छत्तीसगढ़ की सियासत

रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत से हड़कंप: ‘गुप्त’ शिफ्टिंग पर परिजनों का फूटा गुस्सा, गरमाई छत्तीसगढ़ की सियासत. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसने सियासी गलियारों का पारा चढ़ा दिया है। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर का इलाज के दौरान निधन हो गया है। वन अधिकार पट्टा घोटाले में सजा काट रहे ठाकुर की मौत सामान्य नहीं मानी जा रही है, क्योंकि उनके परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, मेकाहारा में भर्ती थे नेता
जानकारी के मुताबिक, जीवन ठाकुर वन अधिकार पट्टा घोटाले के एक मामले में न्यायिक हिरासत में थे। जेल प्रशासन का कहना है कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में रायपुर के मेकाहारा अस्पताल (Mekahara Hospital) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जेल प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन करते हुए तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई थी।रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत से हड़कंप
परिजनों का आरोप: “बीमार थे, फिर बिना बताए क्यों किया शिफ्ट?”
इस घटना के बाद मृतक कांग्रेस नेता के परिजनों ने जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। परिवार का आरोप है कि जीवन ठाकुर की तबीयत पहले से खराब थी। इसके बावजूद, 2 दिसंबर को उन्हें कांकेर जेल से रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया।रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत से हड़कंप
परिजनों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर हालत में उन्हें बिना परिवार को सूचित किए रातों-रात क्यों शिफ्ट किया गया? उनका कहना है कि समय पर सही इलाज न मिलने और जेल प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही जीवन ठाकुर की जान गई है। वे अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत से हड़कंप
सियासी वार-पलटवार के आसार
जीवन ठाकुर की मौत ने एक बार फिर पक्ष और विपक्ष को आमने-सामने ला खड़ा किया है। घोटाले के आरोपों को लेकर पहले ही राजनीति गर्म थी, लेकिन अब हिरासत में मौत (Custodial Death) का मामला तूल पकड़ सकता है।रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत से हड़कंप
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इसे ‘बदले की कार्रवाई’ और ‘प्रशासनिक प्रताड़ना’ के रूप में पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष इसे जेल सिस्टम की खामी बता सकता है। बहरहाल, मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ हो पाएगी, लेकिन तब तक छत्तीसगढ़ की राजनीति में उबाल आना तय है।रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की मौत से हड़कंप



















