Chhattisgarh Corruption News: 5 साल की फरारी के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा घोटालेबाज CEO
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर में ₹30 लाख के घोटाले (Big Scam Case) में पुलिस ने पूर्व जनपद CEO श्रवण कुमार मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। जानें क्या है पूरा मामला और कौन है फरार डिप्टी कलेक्टर।

Wadrafnagar: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। करीब 30 लाख रुपये के गबन (Embezzlement) मामले में फरार चल रहे तात्कालीन जनपद CEO श्रवण कुमार मरकाम (S.K. Markam) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में एक वर्तमान डिप्टी कलेक्टर (Deputy Collector) का नाम भी शामिल है, जो फिलहाल फरार हैं।Chhattisgarh Corruption News
क्या था पूरा घोटाला? (The 30 Lakh Scam Explained)
Chhattisgarh Corruption News: यह मामला साल 2014-15 का है, जब वाड्रफनगर जनपद के तहत ग्राम पंचायत तुंगवा, गुडरू, जमई और पेंडारी में निर्माण कार्य होने थे।
Modus Operandi: आरोपियों ने मुरुम मिट्टी, एनिकट, सह पुलिया और डब्लूबीएम सड़कों के नाम पर फर्जी दस्तावेज (Fake Documents) और फर्जी बिल लगाए।
The Amount: बिना काम किए कुल 30,02,449 रुपये की सरकारी राशि डकार ली गई।
FIR Status: इस घोटाले की शिकायत साल 2020 में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही मुख्य आरोपी फरार चल रहे थे।
कैसे हुई गिरफ्तारी? (The Police Action)
Chhattisgarh Corruption News: आरोपी श्रवण कुमार मरकाम पिछले 5 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस की स्पेशल टीम ने उसे अंबिकापुर (Ambikapur) के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित उसके निवास (महुआपारा) से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
डिप्टी कलेक्टर की तलाश जारी (Deputy Collector Still Absconding)
Chhattisgarh Corruption News: इस केस में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि घोटाले के वक्त वाड्रफनगर में पदस्थ एक अन्य तात्कालीन जनपद CEO, जो वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर (Babli Bairagi) के पद पर कार्यरत हैं, वह भी इस मामले में आरोपी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।
अब तक कौन-कौन जा चुका है जेल?
Chhattisgarh Corruption News: पुलिस इस मामले में पहले ही कई चेहरों को बेनकाब कर चुकी है:
अश्वनी कुमार तिवारी (मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी)
हरिहर यादव व कुंजलाल साहू (सप्लायर)
गिरीश यादव (रोजगार सहायक)
Chhattisgarh Corruption News: इन सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।



















