
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान कर दिया गया है
छत्तीसगढ़ राज्य में 7 और 17 नवंबर को दो चरणों में चुनाव होंगे. जिसके चलते सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव प्रचार के लिए जोर-शोर से तैयारी कर रही है. प्रत्याशी भी दिन-रात लोगों से मुलाकात कर वोटों की अपील कर रहे हैं. इसी बीच उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यू एस अग्रवाल ने प्रत्याशियों को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने रखी है.
यू एस अग्रवाल के मुताबिक छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में उतरे 1181 प्रत्याशियों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया है, इसके बाद पता चला है कि प्रदेश में चुनाव लड़ने वाले 1181 प्रत्याशियों में से 117 प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज है. इनमें से 958 प्रत्याशी दूसरे चरण में होने वाली सीटों से चुनाव लड़ेंगे जिनमें से 95 पर आपराधिक मामले दर्ज है.
जानिए किस दल के कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान पर
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में इस बार 90 विधानसभा क्षेत्र में से पहले चरण में 20 विधानसभा क्षेत्र का चुनाव होगा, वहीं दूसरे चरण में 70 विधानसभा क्षेत्र में मतदान होना है. इस बार भी सबसे ज्यादा प्रत्याशी देश के दो सबसे प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दल बीजेपी और कांग्रेस से हैं. दोनों ही पार्टी प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. इसके बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) से कुल 75 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं जिनमें पहले चरण में 15 तो दूसरे चरण में 60 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे, बहुजन समाज पार्टी से कुल 59 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं जिनमें पहले चरण में 15 तो दूसरे चरण में 44 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे. अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से टोटल 55 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं जिनमें पहले चरण में 10 तो दूसरे चरण में 45 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे.
430 प्रत्याशी लड़ेंगे निर्दलीय चुनाव
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में इस बार 430 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे, इनमें से पहले चरण में 72 और दूसरे चरण में 358 प्रत्याशी चुनवी मैदान पर हैं. 382 प्रत्याशी पंजीकृत पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे जिसमें से पहले चरण में एक हक़दार तो दूसरे चरण में 311 प्रत्याशी हैं.
जानिए किस जेंडर के कितने प्रत्याशी लड़ेंगे चुनाव
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में पुरूष प्रत्याशियों की संख्या 1025 और महिला प्रत्याशियों की संख्या 155 है. वहीं एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी भी चुनावी रण पर है. इसमें एक दिलचस्प फैक्ट ये भी है कि पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार महिला प्रत्याशियों की संख्या में इजाफा हुआ है. 2003 विधानसभा चुनाव के दौरान सिर्फ 62 महिला प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरी थीं, जिसकी संख्या 2008 में बढ़कर 94 हो गई। 2018 विधानसभा चुनाव में 115 महिला उम्मीदवार को टिकट दिया गया था.








