
Chhattisgarh Excise Scam Update: EOW summons Congress accountant Shishupal Sahu in Raipur. Investigation intensifies over party funds and 3-year bank records. Read more about the latest political developments in CG.
Chhattisgarh Excise Scam:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। Economic Offences Wing (EOW) ने कथित शराब घोटाले (Excise Scam) की जांच के सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अकाउंटेंट शिशुपाल साहू को तलब किया है। राजीव भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में तैनात अकाउंटेंट से हुई इस पूछताछ के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
EOW की रडार पर कांग्रेस का ‘Financial Data’
Chhattisgarh Excise Scam:सूत्रों के मुताबिक, EOW की टीम ने शिशुपाल साहू को पूछताछ के लिए बुलाया था, जहां उनसे घंटों तक financial transactions को लेकर सवाल-जवाब किए गए। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या आबकारी घोटाले का पैसा पार्टी फंड या अन्य माध्यमों से डायवर्ट किया गया था।
EOW ने जांच के दौरान ये कदम उठाए हैं:
3 साल का बैंक रिकॉर्ड: शिशुपाल साहू से पिछले तीन सालों के बैंक अकाउंट डिटेल्स और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री मांगी गई है।
Documents Seized: राजीव भवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया गया है।
Fund Utilization: जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पार्टी फंड में जमा हुई रकम का सोर्स क्या था और उसे कहां खर्च किया गया।
रामगोपाल अग्रवाल की तलाश जारी
Chhattisgarh Excise Scam:इस पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष (Treasurer) रामगोपाल अग्रवाल का नाम भी प्रमुखता से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे पिछले काफी समय से फरार (absconding) चल रहे हैं। EOW अब उनके और अकाउंटेंट के बीच हुए संवाद और वित्तीय तालमेल की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का मानना है कि अग्रवाल की भूमिका इस पूरे केस में काफी अहम हो सकती है।
Chhattisgarh Excise Scam:छत्तीसगढ़ में Excise Scam और ED/EOW की कार्रवाई हमेशा से ही ट्रेंडिंग टॉपिक रहे हैं। इस ताजा कार्रवाई ने न केवल प्रशासनिक गलियारों में बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों को पूछताछ के लिए समन (Summon) भेजा जा सकता है।
सियासी गलियारों में हड़कंप
Chhattisgarh Excise Scam:EOW की इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक बड़ा बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ (Political Vendetta) के रूप में देख रही है। वहीं, जांच एजेंसी का कहना है कि वे केवल financial irregularities और घोटाले के सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।


















