छत्तीसगढ़: नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अमित शाह ने दी सख्त हिदायत, DSP स्तर तक तय होगी जवाबदेही

छत्तीसगढ़: नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अमित शाह ने दी सख्त हिदायत, DSP स्तर तक तय होगी जवाबदेही
? 60-90 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने के निर्देश
? वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी ट्रायल प्रक्रिया
? NATGRID के प्रभावी उपयोग पर जोर
? नई दिल्ली/रायपुर, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के शीर्ष अधिकारी, DGP, गृह सचिव, NCRB और BPR&D के अधिकारी उपस्थित थे। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अमित शाह ने दी सख्त हिदायत
✅ DSP स्तर तक तय होगी जवाबदेही
अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आरोप पत्र 60 से 90 दिनों के भीतर दाखिल किए जाएं और इसके लिए पुलिस उप अधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाए। इससे न्याय प्रक्रिया में देरी रुकेगी और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अमित शाह ने दी सख्त हिदायत
✅ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ट्रायल की सुविधा
उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में तकनीक का समावेश कर ट्रायल प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा सकता है। साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर ट्रायल तक की पूरी प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए संभव है जिससे मैनपावर और संसाधनों की बचत होगी। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अमित शाह ने दी सख्त हिदायत
✅ हर थाने और DSP स्तर पर हो NATGRID का उपयोग
श्री शाह ने निर्देश दिए कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक पुलिस थाने और DSP अधिकारियों को NATGRID सिस्टम के उपयोग की आदत डालनी चाहिए, जिससे गंभीर अपराधों की जड़ तक जल्द पहुंचा जा सके। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अमित शाह ने दी सख्त हिदायत
?️ समीक्षा बैठक का समयबद्ध फॉर्मूला
- मुख्य सचिव व DGP: हर सप्ताह समीक्षा करें
- राज्य गृह मंत्री: हर 15 दिन में मूल्यांकन करें
- मुख्यमंत्री: प्रत्येक माह एक समीक्षा बैठक लें
? छत्तीसगढ़ को बनाना है आदर्श राज्य
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के अनुसार इन कानूनों का क्रियान्वयन भारत की न्यायिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। छत्तीसगढ़ को इसे मॉडल राज्य के रूप में अपनाकर देशभर के लिए उदाहरण बनना चाहिए। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अमित शाह ने दी सख्त हिदायत



















