Chhattisgarh News: Raipur Press Club Election: ‘पत्रकार चुनें, सौदागर नहीं!’ वरिष्ठ पत्रकार सुनील की तीखी अपील, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

Chhattisgarh News: Raipur Press Club Election: ‘पत्रकार चुनें, सौदागर नहीं!’ वरिष्ठ पत्रकार सुनील की तीखी अपील, सोशल मीडिया पर मचा बवाल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों Raipur Press Club चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। हर तरफ चुनाव प्रचार और दावों का दौर जारी है। इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार सुनील की एक बेबाक अपील ने पत्रकारिता जगत में हलचल मचा दी है। उन्होंने प्रेस क्लब के भविष्य और पत्रकारों की गरिमा को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
सुनील की यह अपील सोशल मीडिया पर तेजी से Viral हो रही है, जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा है— “अब करो प्रहार, पत्रकार चुनो, पत्रकारिता के सौदागर नहीं!”
प्रेस क्लब: मनोरंजन का मंच या संघर्ष का हथियार? (The Real Purpose)
Chhattisgarh News: वरिष्ठ पत्रकार सुनील ने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि रायपुर प्रेस क्लब का चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया (Formal Process) नहीं है। यह संस्था केवल चाय, नाश्ते और फोटो सेशन के लिए नहीं बनी थी। इसका असली मकसद था:
Journalist Protection: पत्रकारों पर होने वाले झूठे मुकदमों के खिलाफ सामूहिक आवाज उठाना।
Safety & Freedom: उत्पीड़न और हमलों के समय पत्रकार के साथ मजबूती से खड़ा होना।
Future Security: पत्रकारिता के जोखिमों को कम करना और साथियों का भविष्य सुरक्षित करना।
Questioning Power: सत्ता से सवाल पूछने वाले पत्रकार को अकेला न छोड़ना।
सत्ता की गुलामी और बढ़ता निजी स्वार्थ (Past Failures)
Chhattisgarh News: अपील में बीते वर्षों की कमियों पर भी कड़ा प्रहार किया गया है। सुनील का कहना है कि दुर्भाग्य से प्रेस क्लब अब Political Ideologies और व्यक्तिगत स्वार्थों की भेंट चढ़ गया है।
प्रेस क्लब के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अक्सर सत्ता के रंग में रंग जाते हैं।
आम पत्रकारों के हितों के बजाय निजी समीकरणों (Personal Interests) को प्राथमिकता दी जाती रही।
जहाँ संघर्ष होना चाहिए था, वहाँ समझौते (Compromise) होते रहे और प्रेस क्लब एक मूक दर्शक (Silent Spectator) बन गया।
इस बार वोट देते समय ‘चेहरा नहीं, चरित्र’ देखें (Voters’ Guide)
Chhattisgarh News: चुनाव में खड़े उम्मीदवारों को लेकर सुनील ने पत्रकारों से सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि विचारधाराओं के बीच है:



















