Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: दुर्ग में पीएम आवास की सूची से 4 गांव अचानक ‘गायब’! पात्रता के बाद भी गरीबों का टूटा घर का सपना

Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 1,699 नए घरों की मंजूरी तो मिली, लेकिन चार खास गांवों का नाम लिस्ट से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, जानिए आखिर कहाँ हुई गड़बड़ी।
Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य हर गरीब को पक्की छत देना है, लेकिन दुर्ग जिले की जनपद पंचायत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के चार गांवों के पात्र परिवारों का नाम चयन सूची से गायब होने के बाद प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
1. इन 4 गांवों को लगा बड़ा झटका: एक भी आवास स्वीकृत नहीं
Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: जनपद पंचायत दुर्ग को वर्ष 2025-26 के लिए कुल 1,699 नए आवास बनाने का लक्ष्य मिला है। लेकिन जब सूची सार्वजनिक हुई, तो ग्राम पीपरछेड़ी, रसमड़ा, महमरा और जंजगिरी के ग्रामीण दंग रह गए। इन चारों गांवों के लिए एक भी नए मकान की स्वीकृति नहीं दी गई है। जबकि यहाँ दर्जनों ऐसे परिवार हैं जो कच्चे मकानों में रह रहे हैं और योजना की सभी शर्तों को पूरा करते हैं।
2. तकनीकी खामी या प्रशासनिक लापरवाही?
Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: नाम कटने के पीछे का कारण बेहद हैरान करने वाला है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार, ‘तकनीकी या प्रशासनिक कारणों’ से इन ग्राम पंचायतों के पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से डिलीट हो गए हैं। जनपद सदस्य ढालेश साहू ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह लापरवाही सीधे तौर पर गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा है।
3. सालों का इंतजार और अब खाली हाथ
Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: जंजगिरी जैसे गांवों की कई पात्र महिलाएं, जैसे रमलेश ठाकुर, रेखा ठाकुर और पूर्णिमा साहू, पिछले कई वर्षों से इस उम्मीद में थीं कि उन्हें इस बार पक्का घर मिलेगा। पात्रता सूची में नाम न होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
4. ‘आवास प्लस 2.0’ सर्वे की उठी मांग
Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: जनपद सदस्य संघ के अध्यक्ष ढालेश साहू ने प्रशासन से इस गंभीर त्रुटि को सुधारने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि:
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आवास प्लस 2.0 सर्वे को तत्काल प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
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डिलीट हुए नामों की जांच हो और उन्हें पुन: सूची में शामिल किया जाए।
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पात्रता सर्वे दोबारा कराया जाए ताकि कोई भी गरीब आवास से वंचित न रहे।
5. ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Chhattisgarh PM Awas Yojana Dispute: इस गड़बड़ी के बाद प्रभावित गांवों में जबरदस्त रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और सूची में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, इस पूरे मामले पर जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है, जिससे असंतोष और बढ़ता जा रहा है।
| विषय | विवरण |
| जिला/क्षेत्र | दुर्ग, छत्तीसगढ़ |
| प्रभावित गांव | पीपरछेड़ी, रसमड़ा, महमरा, जंजगिरी |
| कुल स्वीकृत आवास | 1,699 (जनपद क्षेत्र के लिए) |
| मुख्य समस्या | पात्र परिवारों के नाम सूची से डिलीट होना |
| ग्रामीणों की मांग | पुन: सर्वे और त्रुटि सुधार |









