छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: बुजुर्गों के अंगूठे के निशान बने बड़ी बाधा, 40% लोगों का अटका राशन

छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: बुजुर्गों के अंगूठे के निशान बने बड़ी बाधा, 40% लोगों का अटका राशन, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में राशन कार्डधारियों के सामने एक गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। राज्य में e-KYC की अनिवार्यता के कारण हजारों परिवार अपने मासिक राशन से वंचित हो रहे हैं। विशेषकर बुजुर्गों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एक बड़ी मुसीबत बन गया है।
e-KYC और थंब इंप्रेशन: आखिर क्यों हो रही है परेशानी?
छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: रायपुर में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 40%) वर्तमान में राशन के लिए भटकने को मजबूर है। इसका मुख्य कारण e-KYC प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी खामियां हैं।
छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: बड़ी समस्या बुजुर्ग सदस्यों के साथ आ रही है। उम्र बढ़ने के कारण हाथों की रेखाएं घिस जाती हैं, जिसकी वजह से पॉस (PoS) मशीनें उनके थंब इंप्रेशन (अंगूठे के निशान) को स्वीकार नहीं कर रही हैं। पहले प्रशासन ने फेस रीडिंग (चेहरा पहचान) और नॉमिनी का विकल्प दिया था, लेकिन अब केवल थंब इंप्रेशन पर जोर दिए जाने से बुजुर्गों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
हजारों राशन कार्ड हुए ब्लॉक: जानें क्या है कारण
छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: रायपुर शहर और जिले के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक है:
शहर में ब्लॉक कार्ड: रायपुर शहर में लगभग 3,000 से 4,000 राशन कार्ड ब्लॉक हो चुके हैं, जिनमें APL श्रेणी के कार्डों की संख्या सबसे अधिक है।
जिले का हाल: पूरे रायपुर जिले में करीब 8,000 से 10,000 हितग्राहियों के राशन कार्ड केवाईसी न होने की वजह से निरस्त कर दिए गए हैं।
परिवार की सदस्यता का पेच: यदि किसी परिवार में पांच सदस्य हैं और उनमें से किसी एक का भी केवाईसी अधूरा है, तो पूरा राशन कार्ड ब्लॉक किया जा रहा है।
वार्डों की स्थिति: पार्षद और खाद्य विभाग के चक्कर लगा रहे लोग
छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: रायपुर के विभिन्न वार्डों जैसे यतियतन लाल वार्ड, रामनगर, कलिंग नगर और ब्राह्मणपारा से लगातार शिकायतें आ रही हैं। लोगों का कहना है कि केवाईसी कराने के बावजूद उन्हें तुरंत राशन नहीं मिल रहा है। सॉफ्टवेयर अपडेट और आवंटन प्रक्रिया में देरी के कारण लाभार्थियों को दो महीने तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: ब्राह्मणपारा वार्ड के निवासियों ने शिकायत की है कि वहां फेस रीडिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, खाद्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही एक नया ऐप शुरू किया जाएगा जिससे ‘फेस केवाईसी’ संभव हो सकेगी।
खाद्य विभाग का नियम: 10 तारीख का डेडलाइन
छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक के अनुसार, राशन कार्ड के निरस्त होने का मुख्य कारण समय पर केवाईसी न कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
हर महीने की 10 तारीख से पहले केवाईसी कराने वाले लाभार्थियों को उसी महीने राशन मिल जाता है।
यदि कोई 10 तारीख के बाद केवाईसी कराता है, तो उसे अगले महीने के आवंटन का इंतजार करना होगा।
10 तारीख से पहले दुकानों को राशन आवंटित कर दिया जाता है, इसलिए देरी से केवाईसी कराने वालों का नाम उस सूची में नहीं आ पाता।
निष्कर्ष: समाधान की उम्मीद
छत्तीसगढ़ राशन कार्ड e-KYC संकट: राशन कार्डधारकों की इस समस्या को देखते हुए अब मांग की जा रही है कि फेस रिकग्निशन (Face Recognition) सुविधा को फिर से सक्रिय किया जाए और सीनियर सिटीजन के लिए नियमों में ढील दी जाए। जब तक तकनीकी सुधार नहीं होता, तब तक हजारों गरीब परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी का संकट बना रहेगा।



















