छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर कसेगा शिकंजा, पंचायत स्तर पर बनेगी ‘आगंतुक पंजी’, टोल-फ्री नंबर भी जारी

छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर कसेगा शिकंजा, पंचायत स्तर पर बनेगी ‘आगंतुक पंजी’, टोल-फ्री नंबर भी जारी
मुख्य बातें:
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राज्य में बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की बढ़ती घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है।
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अब हर गांव में एक नई पंजी (रजिस्टर) रखी जाएगी, जिसमें आने-जाने वाले हर नए व्यक्ति का रिकॉर्ड दर्ज होगा।
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नागरिकों की सहायता के लिए एक टोल-फ्री नंबर 18002331905 जारी किया गया है, जिस पर घुसपैठियों की जानकारी दी जा सकती है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर कसेगा शिकंजा, पंचायत स्तर पर बनेगी ‘आगंतुक पंजी’, छत्तीसगढ़ में बाहरी देशों, विशेषकर बांग्लादेश और रोहिंग्याओं की बढ़ती घुसपैठ एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इस पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने अब जमीनी स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। एक ओर जहां घुसपैठियों की पहचान के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है, वहीं अब गांवों को घुसपैठ से बचाने के लिए एक नई और प्रभावी रणनीति अपनाई जा रही है।
गांव-गांव में बनेगी ‘आगंतुक पंजी’
प्रदेश सरकार अब पंचायत स्तर पर घुसपैठ को रोकने की तैयारी में है। इसके तहत राज्य की हर ग्राम पंचायत में एक नई ‘आगंतुक पंजी’ रखी जाएगी। इस रजिस्टर में गांव में या उसके आसपास आने वाले हर नए व्यक्ति का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें यह जानकारी होगी कि कौन व्यक्ति कब से गांव में रह रहा है और कौन नया आया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस योजना के संकेत दिए हैं। उनका मानना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ गांवों को सुरक्षित रखना भी पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर कसेगा शिकंजा, पंचायत स्तर पर बनेगी ‘आगंतुक पंजी’
टोल-फ्री नंबर पर दें सूचना, पहचान रहेगी गुप्त
घुसपैठ पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सरकार ने आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की है। इसके लिए एक टोल-फ्री नंबर 18002331905 जारी किया गया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसे सोशल मीडिया पर साझा करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे घुसपैठियों के बारे में सिर्फ चर्चा न करें, बल्कि इस नंबर पर जानकारी भी दें। सरकार ने दावा किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर कसेगा शिकंजा, पंचायत स्तर पर बनेगी ‘आगंतुक पंजी’
अब तक की कार्रवाई
घुसपैठ का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक 19 अपराध दर्ज किए जा चुके हैं और 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, 32 बांग्लादेशी घुसपैठियों को बीएसएफ को सौंपा जा चुका है, जिन्हें वापस उनके देश भेजने की प्रक्रिया जारी है।छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों पर कसेगा शिकंजा, पंचायत स्तर पर बनेगी ‘आगंतुक पंजी’
घुसपैठ के मुख्य तरीके:
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घुसपैठिए झारखंड के रास्ते जशपुर और सरगुजा संभाग में दाखिल हो रहे हैं।
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बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में स्थानीय मदद से फर्जी दस्तावेज बनवा रहे हैं।
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मनमाने दाम देकर जमीन-जायदाद खरीद रहे हैं।
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प्लेसमेंट एजेंसियों और ठेकेदारों के माध्यम से कम मजदूरी पर आसानी से काम पा रहे हैं।









