डोंगरगढ़: कॉलेज छात्राओं से बस में छेड़खानी करने वाला कंडक्टर गिरफ्तार, सलाखों के पीछे पहुँचा ‘बदमाश’

डोंगरगढ़: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक निजी बस कंडक्टर के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। बस में छात्राओं के साथ अभद्रता और छेड़खानी करने वाले आरोपी कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से उन मनचलों को कड़ा संदेश मिला है जो सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं को परेशान करते हैं।
डोंगरगढ़: रोजाना की प्रताड़ना से परेशान थीं छात्राएं
डोंगरगढ़: मामला डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां कॉलेज जाने वाली छात्राओं ने अपनी आपबीती सुनाई। छात्राओं का आरोप है कि सुकुलदैहान निवासी कंडक्टर नेतराम यादव आए दिन बस में सफर के दौरान उनके साथ बदतमीजी करता था। वह जानबूझकर छात्राओं को असहज महसूस कराता था और विरोध करने पर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आता था। आरोपी के इस व्यवहार के कारण छात्राएं काफी समय से मानसिक तनाव और डर के साये में थीं।
छात्राओं की हिम्मत ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
डोंगरगढ़: लगातार बढ़ रही बदतमीजी से तंग आकर छात्राओं ने हार मानने के बजाय लड़ने का फैसला किया। उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद, परिजनों के साथ डोंगरगढ़ थाने पहुंचकर छात्राओं ने आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और आरोपी नेतराम यादव को हिरासत में ले लिया।
पुलिस का सख्त रुख: महिला सुरक्षा सर्वोपरि
डोंगरगढ़: एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र नायक ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घृणित हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इलाके में राहत, सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग
डोंगरगढ़: पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद छात्राओं और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं, स्थानीय नागरिकों और छात्र संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलेज रूट पर चलने वाली बसों की नियमित निगरानी की जाए। लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग और पुलिस को समय-समय पर कंडक्टरों और बस ड्राइवरों का वेरिफिकेशन करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।









