धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस हमलावर, डॉ. रश्मि चंद्राकर ने की ऑफलाइन टोकन व्यवस्था बहाल करने की मांग
भाजपा सरकार पर लगाया किसानों की अनदेखी का आरोप, कहा- तकनीकी पेच और टोकन की किल्लत से अन्नदाता परेशान, गांवों में भाजपा नेताओं का विरोध बढ़ने की दी चेतावनी।

महासमुंद। धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस हमलावर, डॉ. रश्मि चंद्राकर ने की ऑफलाइन टोकन व्यवस्था बहाल करने की मांग. महासमुंद कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने धान खरीदी की प्रक्रिया में चल रही अव्यवस्था को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और लचर व्यवस्था के कारण किसान अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। डॉ. चंद्राकर ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से ‘ऑफलाइन टोकन’ व्यवस्था फिर से शुरू करने की मांग की है।
ऐप और पोर्टल के नाम पर किसानों को परेशान करने का आरोप
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि ‘एग्रोस्टेक पोर्टल’ और ‘अनावरी रिपोर्ट’ के नाम पर किसानों के रकबे और फसल की पैदावार में कटौती की जा रही है, जो किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि सुबह 8 बजे किसान ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप पर आस लगाए बैठते हैं, लेकिन ऐप खुलते ही स्लॉट फुल हो जाता है। तकनीकी जानकारी के अभाव में जिले के बुजुर्ग, आदिवासी और सामान्य किसान टोकन प्राप्त करने में असमर्थ हैं और सोसायटियों के चक्कर काट रहे हैं।धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस हमलावर
‘प्रतिदिन मात्र 10-15 किसान ही बेच पा रहे धान’
भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए डॉ. चंद्राकर ने कहा कि शासन और जनप्रतिनिधि दोनों ही किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। हालात यह हैं कि हर धान खरीदी केंद्र में प्रतिदिन औसतन 10 से 15 किसान ही अपनी फसल बेच पा रहे हैं। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में कोरोना महामारी के बावजूद धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था थी, लेकिन वर्तमान में भाजपा के राज में खरीदी पूरी तरह ठप पड़ गई है।धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस हमलावर
भाजपा नेताओं को दी चेतावनी
किसानों के बढ़ते आक्रोश का जिक्र करते हुए पूर्व जिला अध्यक्ष ने भाजपा को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “बिजली की समस्या और जमीन के बढ़े दामों की लड़ाई अलग है, लेकिन धान खरीदी में हो रही परेशानी से किसान बहुत नाराज हैं। अभी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का घेराव हुआ है, आगे स्थिति यह होगी कि भाजपा का कोई भी नेता गांवों और शहरों में घुस नहीं पाएगा।”धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस हमलावर
ऑफलाइन टोकन ही एकमात्र समाधान
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने बताया कि महासमुंद जिले में लगभग 90% किसानों की धान कटाई पूरी हो चुकी है। फसल तैयार है, लेकिन टोकन न मिलने से किसान उसे बेच नहीं पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि समय रहते ‘ऑफलाइन टोकन’ व्यवस्था बहाल नहीं की गई और जनप्रतिनिधियों ने केवल पत्राचार करने के बजाय ठोस कदम नहीं उठाए, तो हजारों किसान धान बेचने से वंचित रह जाएंगे।धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस हमलावर









