छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू, प्रतिदिन 250 होंगे शामिल
राज्य में प्राचार्यों के 1616 पद रिक्त, शिक्षकों ने पदस्थापना प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह काउंसलिंग 17 नवंबर से 21 नवंबर तक राजधानी रायपुर के शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, सेक्टर-29, अटल नगर में आयोजित की जा रही है। काउंसलिंग में प्रतिदिन करीब 250 पदोन्नत प्राचार्य शामिल होंगे, जिनके लिए 125-125 प्राचार्यों की दो पालियां निर्धारित की गई हैं।
पिछली काउंसलिंग पर उठे थे सवाल
पिछली बार हुई काउंसलिंग में 800 से अधिक शिक्षकों को प्राचार्य बनाया गया था। इनमें कई शिक्षक विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर अधिकारिक पदों पर कार्यरत थे। पदोन्नति मिलने के बाद उन्हें उसी विभाग में उसी पद पर पदस्थापना दे दी गई थी, जिस पर शिक्षक संगठनों ने उस समय भी आपत्ति जताई थी।छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू
फिर दोहराई जा सकती है वही गलती?
शिक्षक संगठनों ने आशंका जताई है कि इस बार भी पदस्थापना में नियमों का उल्लंघन हो सकता है। 917 पदोन्नत प्राचार्यों की सूची में ऐसे कई व्याख्याता शामिल हैं जो इस समय डाइट, समग्र शिक्षा, ओपन स्कूल और अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू
नियम के अनुसार, पदोन्नति मिलने के बाद शिक्षकों को स्कूल में प्राचार्य के रूप में पदस्थ किया जाना चाहिए, न कि किसी विभाग में दूसरे अधिकारिक पद पर।छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू
राज्य में प्राचार्यों के 1616 पद रिक्त
स्कूल शिक्षा विभाग की जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में राज्य के 1616 स्कूल प्राचार्य विहीन हैं। इसके बावजूद केवल 917 पदोन्नत प्राचार्यों को ही काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है, जिससे काउंसलिंग के बाद भी 690 से अधिक पद खाली रह जाएंगे।छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू
सबसे अधिक रिक्त पद दुर्ग संभाग में हैं, जहां 536 स्कूल प्राचार्यविहीन हैं। वहीं रायपुर संभाग में लगभग 528 स्कूलों में प्राचार्य नहीं हैं।छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू
शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्राचार्य स्कूल संचालन की मुख्य जिम्मेदारी संभालते हैं। बड़ी संख्या में प्राचार्यों के पद खाली रहने से शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण संचालन प्रभावित होता है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वास्तविक रूप से स्कूलों में प्राचार्यों की कमी दूर करना ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगा।छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू
छत्तीसगढ़ में यह काउंसलिंग प्रक्रिया शिक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि इस बार पदोन्नत शिक्षकों की पदस्थापना नियमों के अनुरूप होती है या नहीं।छत्तीसगढ़ में 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग शुरू









