
Cyber Fraud Alert: देश में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे सुरक्षा बलों के नाम का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला राजेंद्र नगर इलाके का है, जहाँ एक होम्योपैथिक डॉक्टर को समाजसेवा और इलाज का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगा दी गई। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और आप ऐसी ठगी से कैसे बच सकते हैं।
फर्जी CRPF अधिकारी बनकर बिछाया जाल
Cyber Fraud Alert: राजेंद्र नगर निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर शिव कुमार सिंह के पास एक अनजान व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) कैंप का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया। ठग ने डॉक्टर से कहा कि कैंप के 35 जवानों का इलाज और स्वास्थ्य जांच करानी है। जवानों की सेवा का मामला समझकर डॉक्टर तुरंत इस काम के लिए तैयार हो गए।
‘अकाउंट वैलिडेट’ करने के बहाने ऐसे लगाया चूना
Cyber Fraud Alert: जब डॉक्टर इलाज के लिए राजी हो गए, तो ठग ने ‘सरकारी प्रक्रिया’ का हवाला देते हुए भुगतान (Payment) की बात शुरू की। ठग ने कहा कि सरकारी फंड से पेमेंट लेने के लिए डॉक्टर को अपना बैंक अकाउंट वैलिडेट (Validate) करना होगा।
Cyber Fraud Alert: विश्वास जीतने के बाद, आरोपी ने डॉक्टर के एक परिचित को वीडियो कॉल किया और चालाकी से डॉक्टर के मोबाइल में एक ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन डाउनलोड करवा दी। इस ऐप के जरिए ठगों ने डॉक्टर के फोन का एक्सेस हासिल कर लिया होगा या उनके बैंक विवरण चुरा लिए।
दो खातों से ₹3.98 लाख गायब, डॉक्टर के उड़े होश
Cyber Fraud Alert: जैसे ही एप्लीकेशन डाउनलोड हुई और प्रोसेस आगे बढ़ा, कुछ ही देर में डॉक्टर के दो अलग-अलग बैंक खातों से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। देखते ही देखते ठगों ने कुल 3,98,984 रुपये पार कर दिए। खाते से इतनी बड़ी रकम गायब देख डॉक्टर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें समझ आ गया कि वे एक बड़े साइबर स्कैम का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच में जुटी साइबर सेल
Cyber Fraud Alert: ठगी का शिकार होने के बाद डॉक्टर ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल इस वारदात में हुआ था।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान:
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अनजान ऐप डाउनलोड न करें: किसी के कहने पर AnyDesk या स्क्रीन शेयरिंग जैसे ऐप कभी डाउनलोड न करें।
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पेमेंट लेने के लिए PIN की जरूरत नहीं: याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी PIN डालने या QR कोड स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती।
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पहचान की पुष्टि करें: अगर कोई खुद को सेना या पुलिस का अधिकारी बताता है, तो व्यक्तिगत रूप से मिले बिना या आधिकारिक वेरिफिकेशन के बिना वित्तीय लेनदेन न करें।









