
रायपुर: डकैत धनीराम घृतलहरे आखिरकार सलाखों के पीछे: चार साल की फरारी का अंत, राजधानी रायपुर में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पिछले चार साल से फरार चल रहे कुख्यात डकैती के आरोपी धनीराम घृतलहरे को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गोलबाजार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि आरोपी धनीराम पहले भी दो बार पुलिस हिरासत से भाग चुका था। उसकी गिरफ्तारी पर नगद इनाम की भी घोषणा की गई थी।
फरारी और फिर से भागने का प्रयास:
धनीराम घृतलहरे की आपराधिक प्रवृत्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस पर डकैती, लूट और पुलिस कस्टडी से भागने जैसे गंभीर अपराधों के कुल पांच मामले दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपी महासमुंद जिले की जेल में बंद था और 17 मई को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उसे डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 19 मई को वह अस्पताल से फरार हो गया, जिसके बाद गोलबाजार थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।डकैत धनीराम घृतलहरे आखिरकार सलाखों के पीछे
फरार होने के बाद, धनीराम को थाना तिल्दा नेवरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर रायपुर लाया जा रहा था। इसी दौरान, उसने पुलिस वाहन का कांच तोड़कर पुलिसकर्मियों पर कांच के टुकड़ों से हमला किया और हथकड़ी सहित फिर से फरार हो गया। इस घटना के बाद थाना विधानसभा में उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया।डकैत धनीराम घृतलहरे आखिरकार सलाखों के पीछे
आखिरकार गिरफ्त में:
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना गोलबाजार पुलिस टीम लगातार फरार आरोपी की तलाश कर रही थी। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गोलबाजार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को रायपुर में गिरफ्तार किया गया। दबिश के दौरान पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की, जिसमें उसके दोनों पैरों में चोटें आईं।डकैत धनीराम घृतलहरे आखिरकार सलाखों के पीछे
आपराधिक इतिहास:
गिरफ्तार आरोपी धनीराम घृतलहरे (पिता सरजू घृतलहरे, उम्र 30 वर्ष, निवासी ब्लॉक 12 मकान नंबर 28 पीएम आवास टेकारी मोड़ दलदलसिवनी थाना पंडरी (मोवा) रायपुर) पर डकैती, लूट और अभिरक्षा से फरार होने के कुल 5 अपराध दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी से न केवल रायपुर पुलिस ने एक बड़ी चुनौती पर काबू पाया है, बल्कि क्षेत्र में अपराधों को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
आप एक पुलिस अधिकारी द्वारा कुख्यात डकैत धनीराम घृतलहरे की गिरफ्तारी का जश्न मनाते हुए एक तस्वीर देख सकते हैं।डकैत धनीराम घृतलहरे आखिरकार सलाखों के पीछे



















