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Delhi Air Pollution: ‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

Delhi-NCR Smog: लगातार चौथे दिन 'गंभीर' श्रेणी में हवा, वजीरपुर-चांदनी चौक में सांस लेना दूभर। मेदांता के डॉ. त्रेहन ने दी चेतावनी- 'सीधे खून में मिल रहा जहर, हार्ट अटैक का बढ़ा खतरा।'

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) में ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण ने भयावह रूप ले लिया है। शुक्रवार की सुबह दिल्लीवाले जब सोकर उठे, तो शहर घने स्मॉग (Smog) की चादर में लिपटा हुआ था। हालात यह हैं कि लगातार चौथे दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। जहरीली हवा के कारण दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई है कि दिन के समय भी सूरज की रोशनी धुंधली नजर आ रही है। इस ‘गैस चैंबर’ जैसी स्थिति के चलते लोग अब अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।

इलाकों का हाल: 400 के पार पहुंचा AQI
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा शुक्रवार सुबह 7 बजे जारी किए गए आंकड़े डराने वाले हैं। दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 28 स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई है।‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग
प्रमुख इलाकों का हाल कुछ इस प्रकार है:

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  • वजीरपुर: 447

  • चांदनी चौक: 445

  • बवाना: 442

  • आईटीओ (ITO): 431

  • विवेक विहार: 430

  • सोनिया विहार: 420

  • आनंद विहार: 410

  • ओखला: 401

नजफगढ़ और अशोक विहार जैसे इलाकों में भी एक्यूआई 400 के पार है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

डॉक्टरों की चेतावनी: खून में घुल रहा प्रदूषण
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के साथ अस्पतालों में सांस और अस्थमा के मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। मेदांता अस्पताल के चेयरमैन और प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन ने मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताई है।‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

डॉ. त्रेहन ने चेतावनी देते हुए कहा, “प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5) फेफड़ों के जरिए सीधे रक्त (Blood) में प्रवेश कर जाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, दिल पर दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है।”‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए किसी ‘हेल्थ इमरजेंसी’ से कम नहीं है।‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

पराली के धुएं ने बढ़ाई मुसीबत
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में राहत मिलने के आसार कम हैं। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलने (Stubble Burning) की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसका धुआं हवा के साथ एनसीआर की तरफ बढ़ रहा है। इससे हवा में जहरीले कणों की मात्रा और बढ़ने की आशंका है।‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

प्रशासन के सामने चुनौती
प्रदूषण को ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट’ बताते हुए जानकारों ने डीजल वाहनों की निगरानी, कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक, स्मॉग टॉवर के इस्तेमाल और सड़कों पर पानी के छिड़काव जैसे कड़े कदम उठाने की मांग की है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए ये उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं और दिल्लीवासी साफ हवा के लिए तरस रहे हैं‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, AQI 450 के करीब; सांसों पर संकट के बीच घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

Pooja Chandrakar

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