कोरबा में फिर होगी देव दीपावली की धूम: 11 हजार दीपों से जगमगाएगा हसदेव नदी का तट!
हिंदू क्रांति सेना ने शुरू की तैयारी, बनारस से आएंगे ब्राह्मण; भव्य आतिशबाजी और लाइट शो भी होगा

कोरबा: कोरबा में फिर होगी देव दीपावली की धूम: 11 हजार दीपों से जगमगाएगा हसदेव नदी का तट!, कोरबा जिले में देव दीपावली का पावन पर्व इस साल भी धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम की अनुमति हिंदू क्रांति सेना को मिल गई है, जिसके बाद श्रद्धालुओं और आयोजन समिति में उत्साह का माहौल है। हसदेव नदी के तट पर लोग स्नान कर विधि-विधान से दीपदान करेंगे, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
हिंदू क्रांति सेना के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष देव दीपावली को और भी भव्य बनाने की योजना है। कार्यक्रम के तहत 11 हजार दीप नदी के तट पर प्रज्जवलित किए जाएंगे और 21 हजार दीपों का दान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीवनदायिनी हसदेव नदी का 51 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक किया जाएगा और 51 मीटर चुनरी भेंट की जाएगी। इस महाआरती को संपन्न कराने के लिए बनारस से विशेष रूप से ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया है।11 हजार दीपों से जगमगाएगा हसदेव नदी का तट!
शाम 5 बजे से शुरू होने वाला यह महाआरती कार्यक्रम देर रात तक चलेगा। आयोजन समिति ने बताया कि हसदेव नदी के तट पर भव्य आतिशबाजी के साथ-साथ शानदार लाइट शो और लेजर शो का भी आयोजन किया जाएगा। पुष्प वर्षा, मनमोहक झांकियां और एक रोमांचक फायर बॉल शो भी इस उत्सव का हिस्सा होंगे, जो श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देंगे।11 हजार दीपों से जगमगाएगा हसदेव नदी का तट!
समिति सदस्यों ने बताया कि यह चौथा साल है जब कोरबा में जीवनदायिनी हसदेव नदी के तट पर महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। समिति ने इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील की है। महाआरती के समय होने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यातायात के मार्गों में बदलाव किया जाएगा और जगह-जगह पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।11 हजार दीपों से जगमगाएगा हसदेव नदी का तट!
देव दीपावली का महत्व:
हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा को देव दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस बार 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा होने के कारण यह उत्सव मनाया जाएगा। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था, और इस विजय के उपलक्ष्य में देवताओं ने स्वर्ग लोक में दीप जलाकर देव दीपावली मनाई थी। इस दिन नदियों और सरोवरों में स्नान कर दीपदान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।11 हजार दीपों से जगमगाएगा हसदेव नदी का तट!



















