
मगरलोड के ग्राम खट्टी में रेत माफियाओं की दबंगई,छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतर्गत आने वाले मगरलोड क्षेत्र में इन दिनों अवैध रेत खनन का काला कारोबार जोरों पर है। नगर पंचायत करेली बड़ी के ग्राम खट्टी से मिल रही शिकायतों के अनुसार, यहाँ रेत माफिया बिना किसी डर के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं। इस अवैध गतिविधि ने स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है।
रेत की डंपिंग और ऊंचे दामों पर कालाबाजारी
क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया न केवल अवैध रूप से रेत निकाल रहे हैं, बल्कि इसे अलग-अलग गुप्त स्थानों पर डंप (भंडारण) भी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस चोरी की गई रेत को बाद में बाजार में मनमाने और ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इस सिंडिकेट के जरिए माफिया मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि सरकारी खजाने को भारी चपत लग रही है।
प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
मगरलोड के ग्राम खट्टी में रेत माफियाओं की दबंगई,ग्राम खट्टी और आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस अवैध कारोबार के खिलाफ कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन और शिकायतें दी हैं। इसके बावजूद, अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। प्रशासन की इसी निष्क्रियता का फायदा उठाकर रेत माफिया बेखौफ होकर मशीनों के जरिए नदी का सीना छलनी कर रहे हैं।
कानून व्यवस्था और पेट्रोलिंग पर सवाल
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है कि माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
पर्यावरण और सरकारी राजस्व का भारी नुकसान
मगरलोड के ग्राम खट्टी में रेत माफियाओं की दबंगई,विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अवैध रेत खनन पर समय रहते लगाम नहीं कसी गई, तो इससे न केवल भूजल स्तर गिरेगा, बल्कि नदी के स्वरूप को भी अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। इसके साथ ही, बिना रॉयल्टी के रेत के इस खेल से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मगरलोड के ग्राम खट्टी में रेत माफियाओं की दबंगई,स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम खट्टी और मगरलोड के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल छापेमारी की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



















