जांजगीर-चांपा में ACB का दोहरा प्रहार: नगर पंचायत लेखापाल और बिजली विभाग के कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा: ACB का दोहरा प्रहार: नगर पंचायत लेखापाल और बिजली विभाग के कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो’ (ACB) ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में आज जांजगीर-चांपा जिले में भ्रष्टाचार विरोधी टीम ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। बिलासपुर की एसीबी यूनिट ने नगर पंचायत नवागढ़ के एक लेखापाल और बिजली विभाग (CSEB) के तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
बिल पास करने के नाम पर मांग रहा था कमीशन
पूरा मामला नवागढ़ नगर पंचायत से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब की फर्म ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान नगर पंचायत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की मरम्मत और निर्माण कार्य किए थे। इन कार्यों के एवज में करीब 2,03,000 रुपये का बिल भुगतान लंबित था।
जांजगीर-चांपा में ACB का दोहरा प्रहार:आरोप है कि इस बिल के चेक जारी करने के बदले नगर पंचायत का लेखापाल 16,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता पहले ही 6,000 रुपये दे चुका था, लेकिन आरोपी लेखापाल बाकी के 10,000 रुपये के लिए लगातार दबाव बना रहा था। भ्रष्टाचार से तंग आकर शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी बिलासपुर एसीबी को दी।
कार से बरामद हुई रिश्वत की रकम
जांजगीर-चांपा में ACB का दोहरा प्रहार:एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। मोलभाव के बाद लेखापाल 8,000 रुपये लेने के लिए तैयार हुआ। जैसे ही शिकायतकर्ता ने ग्राम सेमरा के पास आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी और उसने पैसे अपनी कार में रखे, तभी पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने कार की तलाशी लेकर रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है।
बिजली विभाग में भी पड़ा एसीबी का छापा
नगर पंचायत की कार्रवाई के साथ-साथ एसीबी ने छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CSEB) के ग्रामीण कार्यालय में भी दबिश दी। यहाँ भी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जिले में एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी कार्रवाइयों से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू
जांजगीर-चांपा में ACB का दोहरा प्रहार:एसीबी के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



















