गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

पेंड्रा बाईपास निर्माण में देरी और मुआवजा न मिलने से किसान परेशान: परिवार सहित आत्मदाह की मांगी अनुमति

8 साल पहले शिलान्यास, न सड़क बनी, न किसानों को मिला मुआवजा; कलेक्टर कार्यालय में की गुहार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : पेंड्रा बाईपास निर्माण में देरी और मुआवजा न मिलने से किसान परेशान: परिवार सहित आत्मदाह की मांगी अनुमति. छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पेंड्रा बाईपास मार्ग निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी और भूमि अधिग्रहण का मुआवजा न मिलने से परेशान एक किसान ने अपने परिवार सहित कलेक्टर कार्यालय में आत्मदाह की अनुमति मांगी है। यह मामला वर्ष 2015-16 का है, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह ने करीब 54.25 करोड़ रुपये की लागत से 13 किलोमीटर लंबे इस बाईपास मार्ग को मंजूरी दी थी और शिलान्यास भी किया था।

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8 साल बाद भी जस की तस स्थिति:
अमरपुर से सेमरा तिराहा होते हुए डूबतिया कुडकई तक बनने वाले इस बाईपास मार्ग का शिलान्यास आज भी अमरपुर में लगा हुआ है, लेकिन सड़क निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है। इन 8 सालों में न तो बाईपास मार्ग बना और न ही किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि का मुआवजा मिला। क्षेत्र की जनता आज भी सकरी और खराब सड़क व्यवस्था से अपने जान को जोखिम में डालकर चलने को मजबूर है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।पेंड्रा बाईपास निर्माण में देरी और मुआवजा न मिलने से किसान परेशान

दुर्घटना का शिकार हुए किसान ने उठाई आवाज:
इसी बाईपास मार्ग निर्माण के अभाव में 13 सितंबर 2024 को एक अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से अमरपुर निवासी संतोष पटेल (पिता छोटेलाल पटेल) दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में उनका दाहिना पैर टूट गया और वे अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए हैं। घर के एकमात्र कमाने वाले संतोष पटेल के विकलांग होने से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है।पेंड्रा बाईपास निर्माण में देरी और मुआवजा न मिलने से किसान परेशान

आत्मदाह की अनुमति मांगने पर मजबूर:
शासन-प्रशासन से किसी भी तरह की मदद न मिलने के कारण संतोष पटेल और उनका परिवार गहरे डिप्रेशन में है। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेंड्रा रोड और कलेक्टर पेंड्रा रोड (जिला जीपीएम) को पत्र लिखकर पेंड्रा बाईपास मार्ग निर्माण भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि दिलाए जाने या परिवार सहित कलेक्टर कार्यालय में आत्मदाह करने की अनुमति देने की मांग की है। उनकी अधिग्रहित भूमि होने के कारण उसे बेचा भी नहीं जा सकता, जिससे उनकी माली हालत और बिगड़ गई है।पेंड्रा बाईपास निर्माण में देरी और मुआवजा न मिलने से किसान परेशान

मुख्यमंत्री से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद:
वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने जनहित के कामों को प्राथमिकता से निराकरण करने का आदेश सभी कलेक्टरों को दिया है। उम्मीद है कि पेंड्रा बाईपास मार्ग निर्माण और संबंधित किसानों के मुआवजे के मामले पर शासन-प्रशासन जल्द से जल्द ध्यान देगा और इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को प्राथमिकता से पूरा कराने के लिए समुचित पहल करेगा, ताकि संतोष पटेल जैसे किसानों को न्याय मिल सके और क्षेत्र की जनता को बेहतर सड़क सुविधा प्राप्त हो सके।पेंड्रा बाईपास निर्माण में देरी और मुआवजा न मिलने से किसान परेशान

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