Durg News: 8 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद हारीं कांग्रेस नेता Shabana Nisha, मकान खाली कराते वक्त किया था आत्मदाह

Durg News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग (Durg) जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. कोर्ट के आदेश पर मकान खाली कराने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम के सामने खुद को आग लगाने वाली महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा उर्फ रानी (37) की इलाज के दौरान मौत हो गई है. 95% तक झुलस चुकी शबाना पिछले 8 दिनों से रायपुर के DKS अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही थीं.
क्या है पूरा मामला? (The Incident Details)
Durg News: यह दिल दहला देने वाली घटना 22 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी. मामला दुर्ग जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपारा इलाके का है.
Eviction Order: डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस और कोर्ट स्टाफ पचरीपारा में एक मकान का कब्जा दिलाने पहुंचे थे.
Self-Immolation: टीम जब शबाना से बातचीत कर रही थी, तभी वह अचानक घर के अंदर गईं और केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली.
Public Reaction: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें देख मौके पर मौजूद लोग दंग रह गए. स्थानीय लोगों ने चादरों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक शबाना बुरी तरह झुलस चुकी थीं.
मकान को लेकर क्या था विवाद? (The Property Dispute)
Durg News: शबाना के मामा लियाकत अली और परिजनों के मुताबिक, यह विवाद काफी पुराना था:
Long-term Residency: शबाना पिछले लगभग 40-45 सालों से इसी घर में किराए पर रह रही थीं.
Purchase Conflict: शबाना चाहती थीं कि मकान मालिक वह घर उन्हें बेच दे, लेकिन मकान मालिक इसके लिए तैयार नहीं था.
Legal Battle: मामला कोर्ट तक पहुंचा और शबाना केस हार गईं. कोर्ट ने घर खाली कराकर मकान मालिक को पजेशन देने का आदेश जारी किया था.
Pressure: परिजनों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से उन पर घर खाली करने का काफी दबाव बनाया जा रहा था.
इलाज और मौत (Treatment & Demise)
Durg News: घटना के तुरंत बाद शबाना को जिला अस्पताल ले जाया गया था. उनकी गंभीर हालत (95% Burns) को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रायपुर के DKS हॉस्पिटल रेफर कर दिया. शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.
राजनीति में सक्रिय थीं शबाना (Active in Politics)
Durg News: शबाना निशा सिर्फ एक नागरिक ही नहीं, बल्कि दुर्ग की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा थीं.
वे कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता थीं.
पिछले नगरीय निकाय चुनाव में उन्होंने दुर्ग नगर निगम के वार्ड नंबर 28 (पचरीपारा) से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव भी लड़ा था.
प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल?
Durg News: इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि जब माहौल इतना तनावपूर्ण था, तो क्या पुलिस को इस स्थिति का अंदाजा नहीं था? फिलहाल, इस मौत के बाद इलाके में शोक और तनाव का माहौल है.



















