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मोथा तूफान का असर: अंबिकापुर में झमाझम बारिश, बेमौसम बरसात से किसानों की बढ़ी चिंता

हिन्द महासागर में बने चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ का प्रभाव छत्तीसगढ़ में, धान की फसल को नुकसान की आशंका, दो दिन और बारिश के आसार

अंबिकापुर/CG Weather Update: मोथा तूफान का असर: अंबिकापुर में झमाझम बारिश, बेमौसम बरसात से किसानों की बढ़ी चिंता. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सहित उत्तरी हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। हिन्द महासागर में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ का असर अब प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। बीते 24 घंटे आसमान पर घने बादल छाए रहने के बाद सोमवार को अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। ठंडी हवाओं के साथ हो रही इस बारिश ने मौसम में ठंडक बढ़ा दी है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

किसानों की बढ़ी मुश्किलें

बेमौसम बरसात ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल अब खराब होने की कगार पर है। कई किसानों ने चिंता जताई है कि तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे धान के दाने काले पड़ने और उपज की गुणवत्ता घटने का खतरा बढ़ गया है।मोथा तूफान का असर

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अंबिकापुर तहसील के किसान रामप्रसाद यादव ने बताया—

“धान की कटाई शुरू करने ही वाले थे, लेकिन अचानक की बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। अगर मौसम जल्द नहीं सुधरा तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।”

कृषि विभाग भी अलर्ट

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो धान उत्पादन प्रभावित हो सकता है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जहां संभव हो वहां फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और कटाई में जल्दबाज़ी न करें।मोथा तूफान का असर

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ के कारण अगले 48 घंटों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। वहीं कुछ इलाकों में गर्जन के साथ तेज हवाएं और ओलावृष्टि की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश के बाद प्रदेश में ठंड का असर तेजी से बढ़ेगा।मोथा तूफान का असर

सावधानी बरतें किसान

विशेषज्ञों ने किसानों को निम्न सलाह दी है:

  • गिरे हुए धान को जल्दी सुखाने की व्यवस्था करें

  • कटी हुई फसल को तिरपाल से ढककर रखें

  • खराब मौसम में खेतों में काम करने से बचें

  • कृषि विभाग के निर्देशों पर ध्यान दें

प्रदेश के मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने जहां ठंड बढ़ा दी है, वहीं किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। अब सभी की नज़रें मौसम पर टिकी हुई हैं कि आने वाले दिनों में हालात क्या करवट लेते हैं।मोथा तूफान का असर

Dr. Tarachand Chandrakar

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