छत्तीसगढ़ में आज से ‘कलम बंद’ आंदोलन: 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर
'मोदी की गारंटी' लागू करने और केंद्र के समान DA की मांग, प्रदेश भर के नगरीय निकायों में कामकाज ठप होने की आशंका।

रायपुर 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर, छत्तीसगढ़ में आज, 22 अगस्त को, प्रदेश भर के हजारों शासकीय कर्मचारी और अधिकारी अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर ‘कलम बंद, काम बंद’ हड़ताल पर चले गए हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन एवं अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है, जिससे शासकीय कार्यालयों, विशेषकर नगरीय निकायों में कामकाज ठप होने की प्रबल आशंका है।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
कर्मचारी संघ लंबे समय से सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने का आग्रह कर रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के बाद उन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
केंद्र के समान महंगाई भत्ता (DA): शासकीय सेवकों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता दिया जाए।
DA एरियर्स का समायोजन: महंगाई भत्ते के बकाया (एरियर्स) को जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए।
वेतन विसंगति: विभिन्न पदों पर वेतन विसंगति को तत्काल दूर किया जाए।
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना: सभी कर्मचारियों के लिए प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर समस्त सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
समय पर वेतन: नगरीय निकाय के कर्मचारियों को हर महीने की पहली तारीख को वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
पदोन्नति: नगरीय निकायों में नए पद स्वीकृत कर कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ किया जाए।
‘मोदी की गारंटी’ को लागू करने पर जोर
नगरीय निकाय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद साहू ने बताया कि यह हड़ताल ‘मोदी की गारंटी’ को लागू करवाने की मांग को लेकर भी है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें अब पूरा करने का समय आ गया है। इस एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल से कर्मचारियों ने सरकार को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन और भी तेज हो सकता है।13 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर
इस हड़ताल के कारण आज नगरीय निकायों में आम जनता से जुड़े काम जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, संपत्ति कर और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।13 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर



















