नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के 2 महीने बाद भी रिजल्ट अटका, 31 हजार छात्रों का भविष्य अधर में, कॉलेजों ने व्यापमं को लिखा पत्र

नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के 2 महीने बाद भी रिजल्ट अटका, 31 हजार छात्रों का भविष्य अधर में, कॉलेजों ने व्यापमं को लिखा पत्र
मुख्य बातें:
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CG व्यापमं ने 29 मई को ली थी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा, दो माह बाद भी परिणाम जारी नहीं।
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इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के अनुसार 30 सितंबर है प्रवेश की आखिरी तारीख।
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रिजल्ट में देरी से छात्रों और कॉलेजों की बढ़ी चिंता, निजी नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन ने लिखा व्यापमं को पत्र।
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लगभग 31 हजार परीक्षार्थियों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट।
हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर
नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के 2 महीने बाद भी रिजल्ट अटका, छत्तीसगढ़ में हजारों छात्र-छात्राओं का नर्सिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना अधर में लटक गया है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा 29 मई को आयोजित बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के परिणाम दो महीने बीत जाने के बाद भी अब तक घोषित नहीं किए गए हैं। इस देरी के कारण न केवल छात्र परेशान हैं, बल्कि नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन की भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
समय सीमा का बढ़ता दबाव
इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया 30 सितंबर, 2025 तक पूरी हो जानी है। शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त से शुरू होना था, लेकिन रिजल्ट के अभाव में काउंसलिंग प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पाई है। इससे पूरी प्रवेश प्रक्रिया के लिए बहुत कम समय बचेगा, जिससे कॉलेजों और छात्रों दोनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कई छात्र ऐसे भी हैं, जो रिजल्ट के इंतजार में दूसरे पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश नहीं ले पाए हैं और अब वहां भी प्रवेश की तिथियां समाप्त होने को हैं।नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के 2 महीने बाद भी रिजल्ट अटका
कॉलेज एसोसिएशन ने उठाई आवाज
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने व्यापमं को एक पत्र लिखकर अपनी चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन ने जल्द से जल्द परिणाम घोषित करने की मांग की है ताकि काउंसलिंग प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके। उन्होंने यह भी निवेदन किया है कि यदि रिजल्ट में और देरी होती है, तो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मेरिट बनाकर छात्रों को सीधे प्रवेश देने की अनुमति दी जाए।नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के 2 महीने बाद भी रिजल्ट अटका
साढ़े सात हजार सीटों पर 31 हजार दावेदार
इस वर्ष प्रदेश में बीएससी नर्सिंग की लगभग साढ़े सात हजार सीटों के लिए 46 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से करीब 31 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। पिछले साल की तुलना में इस बार परीक्षार्थियों की संख्या भी अधिक है। रिजल्ट में हो रही इस अभूतपूर्व देरी ने इन हजारों छात्रों को बेचैनी और अनिश्चितता की स्थिति में डाल दिया है।नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के 2 महीने बाद भी रिजल्ट अटका









