Fake Doctors Exposed: 12वीं पास बने बैठे हैं डॉक्टर! स्वास्थ्य विभाग ने सील किए 5 अवैध क्लीनिक, मची खलबली
ग्वालियर में अवैध क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन! 12वीं पास और ANM/GNM कर रहे थे एलोपैथिक इलाज। जानें किन 5 क्लीनिकों को किया गया सील।

Fake Doctors Exposed: मध्य प्रदेश के Gwalior जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ग्वालियर का स्वास्थ्य विभाग (Health Department) इस समय फुल एक्शन मोड में है। हाल ही में शहर के Motijheel और Rayru इलाकों में फर्जी तरीके से चल रहे क्लीनिकों पर छापेमारी की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखते ही झोलाछाप डॉक्टरों (Fake Doctors) में हड़कंप मच गया।
सिर्फ 12वीं पास और इलाज एलोपैथिक! (Shocking Qualifications)
Fake Doctors Exposed: जांच के दौरान जो खुलासे हुए, वो किसी के भी होश उड़ा सकते हैं। टीम ने पाया कि रायरू इलाके में Pradeep Rai नाम का एक व्यक्ति, जो सिर्फ 12वीं पास (12th Pass) है, वह ‘बंगाली क्लीनिक’ चला रहा था और मरीजों को हैवी एलोपैथिक दवाएं दे रहा था।
Fake Doctors Exposed: इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर ANM और GNM डिग्री धारक भी डॉक्टर बनकर एलोपैथिक प्रैक्टिस करते पकड़े गए। इनके पास न तो CMHO ऑफिस का रजिस्ट्रेशन था और न ही एलोपैथिक इलाज करने की कोई वैलिड डिग्री।
इन 5 क्लीनिकों पर गिरी गाज (List of Sealed Clinics)

Fake Doctors Exposed: स्वास्थ्य विभाग की टीम (जिसमें डॉ. उमेश मौर्य और शाखा प्रभारी पुरेंद्र सिंह राजपूत शामिल थे) ने इन 5 ठिकानों को सील कर दिया है:
तिवारी क्लीनिक (मोतीझील): गिर्राज शर्मा (BHMS डिग्री, लेकिन कर रहे थे एलोपैथिक इलाज)।
नेहा स्वास्थ्य सदन (रायरू): राजेंद्र सिंह राजपूत (BAMS डिग्री, लेकिन एलोपैथिक प्रैक्टिस में लिप्त)।
बंगाली क्लीनिक (रायरू): प्रदीप राय (सिर्फ 12वीं पास, अवैध डॉक्टर)।
शर्मा क्लीनिक (मोतीझील): विनोद गोस्वामी (GNM डिग्री, अवैध तरीके से एलोपैथिक प्रैक्टिस)।
पुरानी छावनी सेंटर: गीता सिकरवार (ANM, जो अवैध रूप से इलाज कर रही थीं)।
मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ (Health Risk)
Fake Doctors Exposed: बिना पात्रता के Allopathic Medicines देना मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि ग्वालियर के शहरी और ग्रामीण, दोनों इलाकों में यह Surprise Inspection जारी रहेगा। बिना रजिस्ट्रेशन और योग्यता के क्लीनिक चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी।
Public Alert: स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी झोलाछाप डॉक्टर के पास जाने से बचें और हमेशा रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से ही अपना इलाज कराएं।



















