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रायपुर में नकली पनीर का भंडाफोड़: खाद्य विभाग ने 1000 किलो ‘एनालॉग पनीर’ किया नष्ट, दो फैक्ट्रियों पर गिरी गाज

रायपुर में नकली पनीर का भंडाफोड़:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शादियों के सीजन के दौरान आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग ने बड़ा प्रहार किया है। विभाग की विशेष टीम ने भाठागांव और उरला स्थित दो प्रमुख पनीर निर्माण इकाइयों पर अचानक छापा मारा, जहाँ भारी मात्रा में ‘एनालॉग पनीर’ (नकली पनीर) तैयार किया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने एक हजार किलो से ज्यादा पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया।

भाठागांव और उरला की फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान भाठागांव स्थित ‘केएलपी मिल्क एंड प्रोडक्ट’ में भारी अनियमितताएं पाई गईं। यहां निर्माण कार्य को तत्काल बंद कराते हुए फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, उरला स्थित ‘एसजे मिल्क एंड डेयरी प्रोडक्ट’ में भी पनीर जब्त किया गया और वहां सफाई व निर्माण व्यवस्था में सुधार के लिए कड़ा नोटिस जारी किया गया है।

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मुनाफे के लिए सेहत से समझौता: क्यों बढ़ रहा है नकली पनीर का धंधा?

रायपुर में नकली पनीर का भंडाफोड़:शादी-ब्याह और त्यौहारों के सीजन में पनीर की मांग सामान्य दिनों से दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। इसी मांग को पूरा करने और अधिक मुनाफा कमाने के लालच में डेयरी संचालक घटिया सामग्री से पनीर तैयार करते हैं। शिकायतें मिल रही थीं कि इन फैक्ट्रियों में सिंथेटिक और मिलावटी पनीर बनाकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

गंदगी और संदिग्ध प्रक्रिया देख अधिकारी भी रह गए दंग

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भाठागांव की फैक्ट्री में बेहद गंदगी के बीच पनीर बनाया जा रहा था। पनीर बनाने की प्रक्रिया इतनी संदिग्ध थी कि उसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत जोखिम भरा माना गया। टीम ने यहां से 540 किलो पनीर जब्त किया। वहीं उरला की डेयरी से भी 500 किलो पनीर बरामद हुआ। जब्त किए गए पूरे स्टॉक को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर एक गहरे गड्ढे में दफन कर नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सैंपल की लैब रिपोर्ट आने के बाद संचालकों के खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरे जिलों के अधिकारियों की विशेष टीम ने दी दबिश

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कंट्रोलर दीपक अग्रवाल के निर्देश पर इस बड़ी कार्रवाई के लिए एक विशेष रणनीति बनाई गई थी। स्थानीय टीम के बजाय दूसरे जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को रायपुर बुलाया गया ताकि छापेमारी की सूचना लीक न हो सके। टीम में सर्वेश यादव, अक्षय सोनी, बृजेंद्र भारती, फनेश्वर पिथौरा, संजय नंद और मुखर्जी अमृत जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने अवकाश के दिन एक साथ दोनों ठिकानों पर दबिश देकर मिलावटखोरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

एनालॉग पनीर का विवाद: क्या है यह ‘सफेद जहर’?

रायपुर में नकली पनीर का भंडाफोड़:पनीर असल में दूध से नहीं, बल्कि दूध पाउडर, ताड़ के तेल (पाम ऑयल) और साइट्रिक एसिड के मिश्रण से तैयार किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

इस मुद्दे पर एक तकनीकी पेच भी फंसा हुआ है। एक तरफ FSSAI एनालॉग पनीर बनाने के लिए लाइसेंस जारी करता है, वहीं दूसरी तरफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) इसे सेहत के लिए हानिकारक बताकर प्रतिबंधित करता है और कार्रवाई करता है। विभागों के बीच नियमों के इस विरोधाभास का फायदा अक्सर मिलावटखोर उठाते हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।

रायपुर में नकली पनीर का भंडाफोड़:शादी या पार्टियों में पनीर का सेवन करने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर करें। मिलावटी पनीर आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।

Pooja Chandrakar

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