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दिल्ली में वाहन चोरी का खौफ: हर 15 मिनट में गायब हो रही एक गाड़ी, चौंकाने वाले सरकारी आंकड़े आए सामने

Delhi Crime News: दिल्ली में वाहन चोरी का खौफ: हर 15 मिनट में गायब हो रही एक गाड़ी, चौंकाने वाले सरकारी आंकड़े आए सामने, देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद वाहन चोरों के हौसले बुलंद हैं। हाल ही में सामने आए सरकारी आंकड़े दिल्ली पुलिस और आम जनता के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में औसतन हर 15 मिनट में एक वाहन चोरी हो रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले तीन वर्षों में इन मामलों में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की गई है।

वाहन चोरी के मामलों में गिरावट, पर चुनौती अब भी बरकरार

दिल्ली में वाहन चोरी का खौफ: दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, मोटर वाहन चोरी (MV Act) के मामलों के ग्राफ में साल-दर-साल कमी आ रही है। आइए देखते हैं पिछले तीन वर्षों का रिपोर्ट कार्ड:

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  • वर्ष 2023: दिल्ली में वाहन चोरी के कुल 40,045 मामले दर्ज किए गए थे।

  • वर्ष 2024: इस संख्या में मामूली सुधार हुआ और आंकड़े गिरकर 39,976 पर आए।

  • वर्ष 2025: सबसे बड़ी गिरावट इस साल देखी गई, जब चोरी के मामले कम होकर 35,014 रह गए।

भले ही आंकड़ों में कमी आई हो, लेकिन हर 15 मिनट में एक वाहन का चोरी होना यह दर्शाता है कि राजधानी में वाहन सुरक्षा अभी भी एक बड़ा मुद्दा है।

सेंधमारी और घरों में चोरी के मामलों में भी आई कमी

दिल्ली में वाहन चोरी का खौफ: सिर्फ वाहन चोरी ही नहीं, बल्कि संपत्ति से जुड़े अन्य अपराधों में भी गिरावट देखी गई है।

  1. सेंधमारी (Burglary): साल 2024 में जहां 8,965 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 6,617 रह गई।

  2. घरों में चोरी: साल 2023 में दर्ज 21,641 मामलों के मुकाबले साल 2025 में केवल 16,246 मामले ही रिपोर्ट हुए।

  3. अन्य सामान्य चोरियाँ: इस श्रेणी में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है। साल 2023 में 1.58 लाख से अधिक मामले थे, जो 2025 में घटकर लगभग 1.02 लाख रह गए हैं।

हाईटेक पुलिसिंग और सीसीटीवी का असर

दिल्ली में वाहन चोरी का खौफ: दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध), देवेश चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, अपराधों में आई इस कमी के पीछे आधुनिक तकनीक का बड़ा हाथ है।

  • CCTV निगरानी: शहर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की तैनाती।

  • ANPR सिस्टम: ‘ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ सिस्टम के जरिए संदिग्ध वाहनों की तत्काल पहचान।

  • डेटा आधारित पुलिसिंग: अपराध प्रवृत्तियों का विश्लेषण कर संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाना।
    पुलिस का दावा है कि न केवल चोरी के मामलों में कमी आई है, बल्कि चोरी किए गए वाहनों की रिकवरी रेट में भी सुधार हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर: वाहन चोरों का सबसे बड़ा गढ़

दिल्ली में वाहन चोरी का खौफ: आंकड़ों का एक कड़वा सच यह भी है कि वाहन चोरी की समस्या सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में यह एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है। बताया जा रहा है कि वाहन चोरी के कुल मामलों में से 56 प्रतिशत से अधिक मामले सीधे तौर पर एनसीआर के इलाकों से जुड़े होते हैं।

Pooja Chandrakar

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