बलौदाबाजार: मुड़पार पंचायत में ₹4.72 लाख का वित्तीय घोटाला, सरपंच पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ समाचार: बलौदाबाजार: मुड़पार पंचायत में ₹4.72 लाख का वित्तीय घोटाला, सरपंच पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, बलौदाबाजार जिले के पलारी विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुड़पार (संडी) में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि पंचायत की आय का लगभग 4.72 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा करने के बजाय डकार लिया गया। इस वित्तीय अनियमितता के केंद्र में वर्तमान सरपंच हैं, जिन पर पद के दुरुपयोग और गबन के संगीन आरोप लगे हैं।
कैसे हुआ लाखों का गबन? जानें पूरा मामला
vजांच रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत परिसर में स्थित 12 दुकानों (कॉम्प्लेक्स) से हर महीने लगभग 25,000 रुपये का किराया वसूला जा रहा था। पिछले 8 महीनों में कुल 1,50,000 रुपये की वसूली की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस राशि की न तो कोई आधिकारिक रसीद काटी गई और न ही इसे पंचायत के बैंक खाते में जमा किया गया।
बाजार नीलामी की राशि भी गायब
बलौदाबाजार: भ्रष्टाचार का खेल यहीं नहीं रुका। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बाजार नीलामी से प्राप्त 3,22,000 रुपये की बड़ी राशि का भी कोई हिसाब-किताब नहीं मिला। इस प्रकार, कॉम्प्लेक्स के किराए और बाजार नीलामी को मिलाकर कुल 4,72,000 रुपये की हेराफेरी की पुष्टि हुई है।
ग्राम सभा को रखा गया अंधेरे में
बलौदाबाजार: नियमों के अनुसार, पंचायत की हर आय और व्यय का ब्योरा ग्राम सभा की बैठक में प्रस्तुत करना अनिवार्य है। लेकिन मुड़पार पंचायत में इस राशि का न तो कोई लेखा-जोखा दिखाया गया और न ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी गई। आरोप है कि सरपंच टामिन साहू ने इस सरकारी राशि का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए किया है।
जिला पंचायत सीईओ से शिकायत, जांच में हुई पुष्टि
बलौदाबाजार: इस भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक ग्रामीणों और आवेदनकर्ताओं ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत बलौदाबाजार-भाटापारा को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी धन की इस चोरी से गांव के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
बलौदाबाजार: प्रशासनिक स्तर पर की गई प्रारंभिक जांच में इन गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है और इसे ‘शासकीय राशि का दुरुपयोग’ माना गया है। अब ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और गबन की गई राशि की वसूली हो।



















