मानसून की मेहरबानी से लबालब हुआ गंगरेल बांध, गेट खुलने का अलर्ट जारी!

मानसून की मेहरबानी से लबालब हुआ गंगरेल बांध, गेट खुलने का अलर्ट जारी!, छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश की जीवनरेखा कहे जाने वाले गंगरेल बांध (रविशंकर जलाशय) का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कैचमेंट एरिया में हो रही झमाझम बारिश के कारण बांध में पानी की तेज आवक जारी है, जिससे यह लगभग अपनी पूरी क्षमता तक भर गया है और अब किसी भी समय इसके गेट खोले जा सकते हैं।

तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, 28 TMC पानी का हुआ भराव

लगभग दो हफ्तों के बाद गंगरेल बांध के जलस्तर में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। मंगलवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, बांध में 14,485 क्यूसेक की रफ्तार से पानी की आवक हो रही थी। लगातार हो रही इस आवक के चलते बांध में कुल जलभराव 28 टीएमसी तक पहुंच गया है, जो इसकी कुल भराव क्षमता के बेहद करीब है। हालांकि, इस साल कैचमेंट एरिया में बहुत भारी बारिश न होने से पानी की आवक अब तक 15,000 क्यूसेक के पार नहीं गई है, लेकिन मौजूदा रफ्तार भी बांध को पूरी तरह भरने के लिए काफी है।मानसून की मेहरबानी से लबालब हुआ गंगरेल बांध
जब डूबती हैं हनुमान मंदिर की सीढ़ियां, तब खुलते हैं बांध के गेट

गंगरेल बांध के गेट खोलने का एक पारंपरिक और स्थानीय संकेत भी है, जो दशकों से माना जाता रहा है। बांध के पास स्थित प्रसिद्ध अंगारमोती मंदिर के ठीक पीछे एक हनुमान मंदिर है। स्थानीय मान्यताओं और प्रशासन के अनुभव के अनुसार, जैसे ही बांध का जलस्तर बढ़कर इस हनुमान मंदिर की सीढ़ियों को डुबोने लगता है, यह संकेत होता है कि अब बांध के गेट खोलने का समय आ गया है। इस संकेत के मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो जाता है।मानसून की मेहरबानी से लबालब हुआ गंगरेल बांध
पर्यटकों के लिए आकर्षण, निचले इलाकों के लिए अलर्ट

लबालब भरा गंगरेल बांध इन दिनों पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। दूर-दूर से लोग इस शानदार नजारे को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, बांध के भरने की खबर के साथ ही प्रशासन ने महानदी के निचले इलाकों में रहने वाले गांवों के लिए अलर्ट जारी करने की तैयारी भी शुरू कर दी है, ताकि गेट खुलने की स्थिति में किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।मानसून की मेहरबानी से लबालब हुआ गंगरेल बांध



















