
गरियाबंद पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में तीन महिलाओं को आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए फर्जी अंकसूची पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए फर्जी दस्तावेज
आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी पाने के लालच में तीन महिलाओं ने अपनी 8वीं कक्षा की अंकसूची में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। इस मामले में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की।
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शिकायत और जांच प्रक्रिया
थाना देवभोग को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी कि तीन महिलाओं ने फर्जी अंकसूची पेश कर नौकरी हासिल करने की कोशिश की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी ने इस मामले की जांच शुरू की।
पहला मामला
- नीला यादव और सुभद्रा यादव:
- इन दोनों महिलाओं ने 8वीं कक्षा की अपनी मूल अंकसूची में ग्रेड्स में हेरफेर किया।
- जांच के दौरान यह पाया गया कि उनकी वास्तविक ग्रेड्स बी ग्रेड और सी ग्रेड थीं, जबकि फर्जी दस्तावेज में इसे उच्च ग्रेड में दिखाया गया था।
- मामला अपराध क्रमांक 15/2025 के तहत पंजीकृत किया गया।
दूसरा मामला
- गायत्री डोंगरे:
- इस महिला ने 8वीं कक्षा की अंकसूची में अपने कुल प्रतिशत को बढ़ाकर 84% दिखाया, जबकि वास्तविकता में यह 78% था।
- मामला अपराध क्रमांक 16/2025 के तहत पंजीकृत किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों की जानकारी
- नीला यादव, उम्र 22, ग्राम कोदोभांठा
- सुभद्रा यादव, उम्र 25, ग्राम कोदोभांठा
- गायत्री डोंगरे, उम्र 25, ग्राम कुम्हड़ईकला
पुलिस की सराहनीय भूमिका
देवभोग पुलिस टीम ने इन मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई और सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।



















