
नई दिल्ली: ऑनलाइन सट्टेबाजी पर सरकार का बड़ा प्रहार, बेटिंग ऐप्स के विज्ञापनों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध, केंद्र सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। हाल ही में कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल के तहत, सरकार ने टीवी, इंटरनेट और सभी डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेटिंग ऐप्स के विज्ञापनों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का यह फैसला समाज में अवैध सट्टेबाजी के बढ़ते चलन को रोकने और विशेषकर युवाओं को इसके गंभीर नकारात्मक प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। अक्सर मनोरंजन और गेमिंग के नाम पर ये ऐप्स यूजर्स को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, जिससे उन्हें वित्तीय हानि और लत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार इस कदम के जरिए डिजिटल जगत में पारदर्शिता और नैतिकता सुनिश्चित करना चाहती है।
नए बिल के मुख्य प्रावधान:
इस नए नियम के तहत कई कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
विज्ञापनों पर पूरी रोक: टीवी, इंटरनेट, सोशल मीडिया सहित किसी भी प्लेटफॉर्म पर बेटिंग ऐप्स का विज्ञापन नहीं दिखाया जा सकेगा।
सेलिब्रिटीज पर शिकंजा: इन ऐप्स को प्रमोट करने वाले सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय लेन-देन पर प्रतिबंध: बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े किसी भी प्रकार के लेन-देन (जमा या निकासी) को रोकने का निर्देश दिया गया है।
निगरानी और ब्लॉकिंग: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ऐसी अवैध वेबसाइटों और ऐप्स की लगातार निगरानी करेगा और उन्हें ब्लॉक करने की कार्रवाई करेगा।
गेमिंग उद्योग पर असर
इस फैसले को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल गेमिंग उद्योग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मदद करेगा, साथ ही उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी और अनुचित प्रथाओं से बचाएगा। सरकार के इस कदम का भारतीय जनता पार्टी समेत कई राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है और इसे भारतीय संस्कृति व सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक आवश्यक फैसला बताया है।ऑनलाइन सट्टेबाजी पर सरकार का बड़ा प्रहार, बेटिंग ऐप्स के विज्ञापनों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध









