
छत्तीसगढ़ में निवेश का महाकुंभ: ₹13,690 करोड़ के प्रोजेक्ट्स से बदल जाएगी युवाओं की किस्मत, जानें ‘छत्तीसगढ़ स्किल टेक’ की बड़ी बातें. छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संसाधनों का राज्य नहीं, बल्कि हाई-टेक कौशल और बड़े निवेश का नया केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ स्किल टेक’ (Chhattisgarh Skill Tech) कार्यक्रम ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया अध्याय लिख दिया है। प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के तहत आयोजित इस निवेश सम्मेलन में ₹13,690 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर मुहर लगी है, जो सीधे तौर पर राज्य के युवाओं के कौशल विकास और रोजगार से जुड़े हैं।
12,000 से अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन
छत्तीसगढ़ में निवेश का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तैयार करना है। इस कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू (MoUs) के माध्यम से राज्य में 12,000 से अधिक नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यह निवेश केवल फैक्ट्रियां लगाने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं को आधुनिक तकनीकी ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए है।
गेल (GAIL) का मेगा प्रोजेक्ट: राजनांदगांव बनेगा फर्टिलाइजर हब
छत्तीसगढ़ में निवेश का महाकुंभ: इस पूरे निवेश अभियान में सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गेल (GAIL) का प्रोजेक्ट सबसे बड़ा आकर्षण रहा।
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बड़ा निवेश: गेल राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में करीब ₹10,500 करोड़ का निवेश करेगी।
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यूरिया उत्पादन: यहाँ 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) क्षमता वाला गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र स्थापित होगा।
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जमीन और टाउनशिप: 400 एकड़ में प्लांट और 100 एकड़ में एक आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी।
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डायरेक्ट जॉब्स: इस प्रोजेक्ट से लगभग 3,500 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में भारी मांग पैदा होगी।
सोलर, फार्मा और टेक्सटाइल में भी निवेश की बौछार
छत्तीसगढ़ में निवेश का महाकुंभ: सिर्फ भारी उद्योग ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ अब सनराइज सेक्टर्स में भी अपनी धाक जमा रहा है। ‘छत्तीसगढ़ स्किल टेक’ में इन क्षेत्रों पर भी फोकस रहा:
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सोलर पैनल निर्माण: ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए नए प्लांट।
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फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स: दवा और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की मैन्युफैक्चरिंग।
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परिधान और वस्त्र (Textiles): कपड़ा उद्योग के माध्यम से स्थानीय कौशल को बढ़ावा।
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जशपुर की पहल: जशपुर में आदित्य बिरला स्किल सेंटर की स्थापना को एक मॉडल के रूप में पेश किया गया, जो ग्रामीण युवाओं को कॉर्पोरेट जगत के लिए तैयार कर रहा है।
मुख्यमंत्री का विजन: “कौशल को निवेश से जोड़ना हमारी प्राथमिकता”
छत्तीसगढ़ में निवेश का महाकुंभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर कहा कि छत्तीसगढ़ का नया मॉडल ‘निवेश, रोजगार और कौशल’ के त्रिकोण पर आधारित है। सरकार की स्पष्ट नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन के कारण निवेशकों का भरोसा राज्य पर बढ़ा है। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि राज्य का हर युवा स्किल्ड हो और उसे घर के पास ही बेहतर आजीविका मिले।
निवेश का नया रिकॉर्ड: 7.83 लाख करोड़ की पाइपलाइन
छत्तीसगढ़ में निवेश का महाकुंभ: पिछले एक साल के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ निवेश की पहली पसंद बन चुका है। राज्य को अब तक 200 से अधिक परियोजनाओं के जरिए ₹7.83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से 50% प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है, जो राज्य की तेज कार्यप्रणाली को दर्शाता है। खास बात यह है कि ये निवेश राज्य के 26 अलग-अलग जिलों में फैले हुए हैं, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन खत्म हो रहा है।
छत्तीसगढ़ में निवेश का महाकुंभ: ‘छत्तीसगढ़ स्किल टेक’ ने यह साबित कर दिया है कि राज्य अब केवल कच्चे माल का निर्यातक नहीं रहेगा, बल्कि यहाँ तैयार होने वाला कुशल मानव संसाधन देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। ₹13,690 करोड़ का यह निवेश आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक चमकते सितारे की तरह स्थापित करेगा।









