तोमर ब्रदर्स के ‘अवैध’ आवास पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’, बुलडोजर कार्रवाई पर अस्थायी रोक, प्रशासन से मांगा जवाब
तोमर ब्रदर्स के ‘अवैध’ आवास पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’, बुलडोजर कार्रवाई पर अस्थायी रोक, रायपुर के चर्चित और सूदखोरी के गंभीर आरोपों में घिरे तोमर बंधुओं को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की एकल पीठ ने उनके मकान को तोड़ने की जिला प्रशासन की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, जिससे बुलडोजर की कार्रवाई फिलहाल थम गई है।
क्यों पहुँचे तोमर बंधु हाईकोर्ट?
दरअसल, जिला प्रशासन ने तोमर बंधुओं पर सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग और जमीन हथियाने जैसे गंभीर आरोपों के चलते उनकी चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने के साथ-साथ उनके मकान को ध्वस्त करने की पूरी तैयारी कर ली थी। बीते रविवार को नगर निगम ने हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह और रोहित सिंह तोमर के घर पर बुलडोजर चलाया भी था। प्रशासन की इसी कार्रवाई के खिलाफ तोमर बंधुओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी याचिका में दलील दी कि प्रशासन ने बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए उनके मकान को तोड़ने का आदेश दिया है, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी है।तोमर ब्रदर्स के ‘अवैध’ आवास पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’, बुलडोजर कार्रवाई पर अस्थायी रोक
कोर्ट ने क्या कहा?
याचिकाकर्ताओं की दलीलों और मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद, हाईकोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी। कोर्ट ने प्रशासन से पूछा है कि वह बताए कि किस आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। इस फैसले से प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई पर फिलहाल विराम लग गया है।तोमर ब्रदर्स के ‘अवैध’ आवास पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’, बुलडोजर कार्रवाई पर अस्थायी रोक
कौन हैं तोमर बंधु? अपराध की लंबी है फेहरिस्त
वीरेंद्र सिंह तोमर (रूबी) और रोहित सिंह तोमर रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हैं। दोनों भाइयों पर सूदखोरी (कर्ज देकर अवैध ब्याज वसूलना), ब्लैकमेलिंग, धमकी देना, जमीन पर कब्जा करना और आर्म्स एक्ट जैसे दर्जनों गंभीर अपराध तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थानों में दर्ज हैं।तोमर ब्रदर्स के ‘अवैध’ आवास पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’, बुलडोजर कार्रवाई पर अस्थायी रोक
दोनों भाई लंबे समय से फरार चल रहे हैं और पुलिस ने उन पर इनाम भी घोषित किया हुआ है। पिछले 15-20 सालों से वे लगातार आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं, जिनमें मारपीट से लेकर हत्या और अपहरण जैसे संगीन मामले भी शामिल हैं।तोमर ब्रदर्स के ‘अवैध’ आवास पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’, बुलडोजर कार्रवाई पर अस्थायी रोक
रायपुर में पहली बार हुई थी ऐसी बुलडोजर कार्रवाई
यह उल्लेखनीय है कि रायपुर में किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के घर पर बुलडोजर चलाने की यह पहली बड़ी कार्रवाई थी। इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ पैदा करने का संदेश देने की कोशिश की गई थी, लेकिन अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामला कानूनी दांव-पेंच में उलझ गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के जवाब और हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।तोमर ब्रदर्स के ‘अवैध’ आवास पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’, बुलडोजर कार्रवाई पर अस्थायी रोक