पेंड्रा में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार ने ऑटो को मारी टक्कर, बच्ची समेत दो गंभीर
धनपुर तिराहे पर शाम के वक्त हुआ हादसा, घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी; पुलिस ने वाहन जब्त कर कारणों की जांच शुरू की

पेंड्रा क्षेत्र के धनपुर गांव तिराहे पर गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े।
बच्ची समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल
हादसे में ऑटो में सवार एक पुरुष और एक छोटी बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताया है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों को बेहतर उपचार के लिए निगरानी में रखा गया है।तेज रफ्तार कार ने ऑटो को मारी टक्कर, बच्ची समेत दो गंभीर
अन्य यात्रियों को भी आई चोटें, खतरे से बाहर
कार और ऑटो में मौजूद अन्य यात्रियों को भी हल्की-फुल्की चोटें आई हैं, हालांकि उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। सभी घायलों को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया है।तेज रफ्तार कार ने ऑटो को मारी टक्कर, बच्ची समेत दो गंभीर
पुलिस ने वाहन जब्त कर शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पेंड्रा पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार और ऑटो को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार हादसे का कारण तेज रफ्तार माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।तेज रफ्तार कार ने ऑटो को मारी टक्कर, बच्ची समेत दो गंभीर
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
धनपुर तिराहा पहले भी दुर्घटनाओं का केंद्र बिंदु रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण और उचित संकेतक लगाए जाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।तेज रफ्तार कार ने ऑटो को मारी टक्कर, बच्ची समेत दो गंभीर




![शिक्षा सत्र का डेढ़ माह बीता, अब तक स्कूलों में नहीं पहुंचीं किताबें, पुरानी पुस्तकों के सहारे भविष्य की पढ़ाई गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ में नया शैक्षणिक सत्र 2025-26 शुरू हुए डेढ़ महीने से अधिक का समय हो गया है, लेकिन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के सरकारी स्कूलों में छात्रों के बस्ते अब भी खाली हैं।[1] पाठ्य पुस्तक निगम की लापरवाही के चलते अधिकांश कक्षाओं की किताबें अब तक स्कूलों तक नहीं पहुंच पाई हैं।[1][2] इस स्थिति के कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और वे पुरानी किताबों से काम चलाने को मजबूर हैं।[1] त्रैमासिक परीक्षा सिर पर, कैसे पूरा होगा कोर्स? स्कूलों में किताबों की यह कमी शिक्षकों और अभिभावकों दोनों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है। लगभग डेढ़ महीने बाद त्रैमासिक परीक्षाएं होनी हैं, ऐसे में बिना नई किताबों के पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती है।[1] जिले के प्राइमरी से लेकर मिडिल स्कूलों तक में यही स्थिति है। उदाहरण के लिए, कक्षा 6वीं के छात्रों को सिर्फ गणित की किताब मिली है, जबकि 8वीं के छात्रों को भी कुछ ही विषयों की पुस्तकें प्राप्त हुई हैं।[1] नए पाठ्यक्रम के कारण पुरानी किताबों से पढ़ाई करना भी पूरी तरह संभव नहीं हो पा रहा है।[1] क्यों हुई किताबों के वितरण में देरी? इस साल किताबों के वितरण में देरी के कई कारण सामने आ रहे हैं: तकनीकी खामियां: इस वर्ष भ्रष्टाचार रोकने के लिए किताबों पर बारकोड लगाए गए हैं।[3][4] लेकिन पाठ्य पुस्तक निगम के पोर्टल का सर्वर बार-बार डाउन होने से स्कूलों में किताबों की स्कैनिंग और डेटा अपलोडिंग का काम अटक गया है, जिससे वितरण रुका हुआ है।[5][6] पुराने डेटा पर छपाई: किताबों की छपाई पुराने यू-डायस (UDISE) डेटा और पिछले साल के स्टॉक के आधार पर की गई। इसमें नए दाखिलों और छात्रों की बढ़ी हुई संख्या का अनुमान नहीं लगाया गया, जिससे कई स्कूलों में मांग के अनुरूप किताबें नहीं पहुंचीं।[1][2] वितरण में अव्यवस्था: पाठ्य पुस्तक निगम से स्कूलों तक किताबें पहुंचाने की प्रक्रिया में भी अव्यवस्था देखने को मिली है।[2][5] प्रशासन के दावों के बावजूद स्थिति जस की तस हालांकि, पाठ्य पुस्तक निगम और शिक्षा विभाग के अधिकारी जल्द ही किताबें पहुंचाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।[2][5] स्कूल प्रबंधन द्वारा जिला कार्यालय को किताबों की मांग के लिए पत्र लिखे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।[1] इस लापरवाही का खामियाजा सीधे तौर पर प्राइमरी और मिडिल स्कूल के मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। अभिभावकों और शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द किताबों की व्यवस्था की जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई और भविष्य अधर में न लटके।[1]](https://nidarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2025/08/16a.jpg)




