समोसे बेचने वाला विकी कैसे बना भू-माफिया? कांग्रेस शासनकाल में बेनामी संपत्तियों का बड़ा खेल!

क्या CBI, EOW और ED करेंगी जांच? विकी की अवैध संपत्तियों से जुड़े बड़े खुलासे!
Raipur News | रायपुर: कभी शहर की सड़कों पर समोसे बेचने वाला विकी, आज छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े भू-माफिया के रूप में उभर रहा है। आरोप हैं कि कांग्रेस शासनकाल में विकी ने छोटे नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के काले धन को रियल एस्टेट में निवेश कर हजारों करोड़ की बेनामी संपत्ति बना ली।
रायपुर के सेजबहार, छछानपैरी, कांदुल, टाटीबंध और मुजगहन जैसे इलाकों में उसने बाजार दर से अधिक कीमतों पर ज़मीनों का अधिग्रहण किया है। सूत्रों के अनुसार, सट्टा, जुआ, शराब और अन्य अवैध धंधों से कमाए गए काले धन को ज़मीनों में लगाया गया है। समोसे बेचने वाला विकी कैसे बना भू-माफिया? कांग्रेस शासनकाल में बेनामी संपत्तियों का बड़ा खेल!
IAS-IPS अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत?
– CBI, EOW और ED को इस मामले की जांच करनी चाहिए कि आखिर विकी के पास इतनी बड़ी संपत्ति कैसे आई?
– आरोप है कि कांग्रेस शासनकाल के प्रभावशाली नेताओं और IAS-IPS अधिकारियों ने विकी के जरिए काले धन को सफेद किया।
– रियल एस्टेट में निवेश कर विकी ने देखते ही देखते अरबों की संपत्ति खड़ी कर ली। समोसे बेचने वाला विकी कैसे बना भू-माफिया? कांग्रेस शासनकाल में बेनामी संपत्तियों का बड़ा खेल!
विकी का मीडिया पर नियंत्रण?
– सूत्रों के मुताबिक, विकी ने अपने अवैध कारोबार को छुपाने के लिए मीडिया संस्थानों में भी बड़ा निवेश किया है।
– उसके खिलाफ कोई भी नकारात्मक खबर न छपे, इसके लिए उसने बड़े मीडिया हाउस को प्रभावित किया।
– हालांकि, ‘जनता से रिश्ता’ अखबार को छोड़कर सभी मीडिया संस्थानों को उसने अपने पक्ष में कर लिया है। समोसे बेचने वाला विकी कैसे बना भू-माफिया? कांग्रेस शासनकाल में बेनामी संपत्तियों का बड़ा खेल!
क्या प्रशासन लेगा एक्शन?
– सवाल यह उठता है कि CBI, ED और EOW इस मामले की निष्पक्ष जांच करेंगी या नहीं?
– अगर जांच होती है तो नेताओं, अधिकारियों और बिल्डरों के बीच की सांठगांठ उजागर हो सकती है।
– क्या विकी समोसे वाला प्रशासन और कानून से बच पाएगा या जल्द ही उसकी बेनामी संपत्तियां सील होंगी? समोसे बेचने वाला विकी कैसे बना भू-माफिया? कांग्रेस शासनकाल में बेनामी संपत्तियों का बड़ा खेल!



















