52 की उम्र में भी फिट ऋतिक रोशन कभी इस गंभीर बीमारी से थे लाचार, डॉक्टर्स ने कहा था- ‘अब नहीं कर पाओगे डांस’

52 की उम्र में भी फिट ऋतिक रोशन कभी इस गंभीर बीमारी से थे लाचार, डॉक्टर्स ने कहा था- ‘अब नहीं कर पाओगे डांस’. बॉलीवुड के ‘ग्रीक गॉड’ कहे जाने वाले ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) अपनी फिटनेस और कमाल के डांस मूव्स के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। जल्द ही वह अपना 52वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। उन्हें देखकर आज कोई यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि करियर की शुरुआत में ही वह एक ऐसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिसने उनके भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया था।
21 साल की उम्र में डॉक्टर्स ने ऋतिक को यहाँ तक कह दिया था कि वह अब कभी डांस या एक्शन नहीं कर पाएंगे। लेकिन अपनी जबरदस्त इच्छाशक्ति से उन्होंने न केवल इस बीमारी को हराया, बल्कि खुद को एक सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया। आइए जानते हैं क्या है वह बीमारी ‘स्कोलियोसिस’ (Scoliosis) और इसके लक्षण क्या हैं।52 की उम्र में भी फिट ऋतिक रोशन कभी इस गंभीर बीमारी से थे लाचार
क्या होती है स्कोलियोसिस (Scoliosis)?
आमतौर पर इंसान की रीढ़ की हड्डी सीधी होती है, लेकिन स्कोलियोसिस से पीड़ित व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी असामान्य रूप से मुड़ जाती है। यह अक्सर ‘S’ या ‘C’ आकार ले लेती है। यह स्थिति न केवल देखने में शरीर का संतुलन बिगाड़ती है, बल्कि बेहद दर्दनाक भी हो सकती है। गंभीर मामलों में व्यक्ति के लिए सामान्य रूप से हिलना-डुलना भी मुश्किल हो जाता है।52 की उम्र में भी फिट ऋतिक रोशन कभी इस गंभीर बीमारी से थे लाचार
शरीर में दिखने वाले ये लक्षण हैं ‘स्कोलियोसिस’ का संकेत
स्कोलियोसिस के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:
कंधों का असमान होना: एक कंधा दूसरे की तुलना में ऊंचा दिखाई देना।
कमर का एक तरफ झुकना: खड़े होते समय शरीर का झुकाव एक ओर महसूस होना।
पीठ का उभार: पीठ के एक हिस्से की हड्डी या मांसपेशी बाहर की तरफ निकली हुई दिखना।
लगातार पीठ दर्द: रीढ़ की हड्डी में खिंचाव के कारण पीठ के निचले या ऊपरी हिस्से में तेज दर्द रहना।
किन कारणों से होती है यह बीमारी? (Scoliosis Causes)
स्कोलियोसिस होने के पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं:
जन्मजात समस्या: कुछ बच्चों में जन्म के समय से ही रीढ़ की हड्डी का विकास ठीक से नहीं हो पाता।
चोट लगना: रीढ़ की हड्डी में लगी कोई गंभीर चोट भविष्य में स्कोलियोसिस का कारण बन सकती है।
मांसपेशियों की कमजोरी: नसों या मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियां भी रीढ़ को प्रभावित करती हैं।
जेनेटिक्स: यदि परिवार में पहले से किसी को यह समस्या रही हो, तो इसका खतरा बढ़ जाता है।
बचाव और रिकवरी के प्रभावी तरीके
ऋतिक रोशन ने जिस तरह इस बीमारी को मात दी, वह लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। इसके प्रबंधन के लिए ये तरीके अपनाए जा सकते हैं:
नियमित योग और व्यायाम: रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाने के लिए स्पेसिफिक एक्सरसाइज करें।
फिजियोथेरेपी: एक्सपर्ट की देखरेख में की गई फिजियोथेरेपी हड्डियों के अलाइनमेंट में सुधार कर सकती है।
सही पॉश्चर: उठने, बैठने और चलने का सही तरीका (Posture) अपनाना बेहद जरूरी है।
समय पर डॉक्टरी सलाह: यदि पीठ में लगातार दर्द या झुकाव महसूस हो, तो तुरंत ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट से संपर्क करें।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। यह किसी भी पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी सेहत से जुड़े किसी भी बदलाव या दवा के लिए हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।



















