दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी और पुलिस, दीपू चंद्र दास की हत्या पर फूटा गुस्सा

दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी और पुलिस, दीपू चंद्र दास की हत्या पर फूटा गुस्सा. दिल्ली की सड़कों पर संग्राम: बांग्लादेश में हिंदू युवक की बर्बर हत्या के खिलाफ विहिप और बजरंग दल का जोरदार प्रदर्शन। कूटनीतिक तनाव बढ़ा, वीजा सेवाएं ठप।
नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और विशेष रूप से 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते पुलिस के साथ हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी
चाणक्यपुरी में हाई-वोल्टेज ड्रामा: पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश
Delhi: VHP protestors clash with police, break barricades over Hindu youth killed in Bangladesh
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— ANI Digital (@ani_digital) December 23, 2025
प्रदर्शन की शुरुआत दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के पास से हुई, जहाँ सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश उच्चायोग की ओर बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उन्हें रोकने के लिए बहुस्तरीय घेराबंदी कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारी “हिंदुओं की हत्या बंद करो” और “यूनुस सरकार होश में आओ” जैसे नारों से माहौल को गरमा रहे थे।दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी
दीपू चंद्र दास के लिए न्याय की मांग: क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारियों के आक्रोश का मुख्य कारण बांग्लादेश के मयमनसिंह में 18 दिसंबर को हुई घटना है। वहां दीपू चंद्र दास नाम के युवक को भीड़ ने न केवल पीट-पीटकर मार डाला, बल्कि उसके शव को जला भी दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक हत्या नहीं बल्कि पूरी मानवता पर हमला है। एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होकर कहा, “अगर हमारे भाइयों और बहनों की सुरक्षा खतरे में है, तो हम चुप नहीं बैठ सकते।”दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी
कूटनीतिक संकट: दिल्ली और अगरतला में वीजा सेवाएं निलंबित
इस प्रदर्शन का सीधा असर भारत-बांग्लादेश के कूटनीतिक रिश्तों पर पड़ा है। प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने नई दिल्ली और अगरतला में अपनी वीजा और कांसुलर सेवाओं को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हालाँकि, भारत ने बांग्लादेश के “पूर्व नियोजित हिंसा” वाले आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे ‘भ्रामक प्रचार’ करार दिया है।दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी
अंतरराष्ट्रीय चिंता और गिरफ्तारी की कार्रवाई
बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने दीपू चंद्र दास हत्याकांड में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मृतक के परिवार और मानवाधिकार संगठन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। भारत में विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस मामले में विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी
भारत-बांग्लादेश संबंधों की अग्निपरीक्षा
दिल्ली की कड़ाके की ठंड में हुआ यह प्रदर्शन केवल एक विरोध मार्च नहीं, बल्कि बांग्लादेश में बदलती राजनीतिक स्थिति के प्रति गहराता जन-आक्रोश है। शरीफ उस्मान हादी की मौत और अब दीपू चंद्र दास की लिंचिंग ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति को और अधिक पेचीदा बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या दोनों देश इस तनाव को कम कर कूटनीतिक रास्ता निकालेंगे या फिर यह गतिरोध और लंबा खिंचेगा।दिल्ली में भारी बवाल: बांग्लादेश उच्चायोग पर भिड़े प्रदर्शनकारी









