
सोशल मीडिया रील से बेनकाब हुआ शिकारी: वन्यजीवों के खिलाफ अपराध करने वाले अब आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया की नजरों से नहीं बच पा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व (USTR), राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और दंतेवाड़ा वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विभाग ने 9 भारतीय विशाल गिलहरियों (Indian Giant Squirrels) के अवैध शिकार के मामले में एक मुख्य आरोपी को धर दबोचा है।
इंस्टाग्राम रील ने पहुँचाया सलाखों के पीछे
इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा एक इंस्टाग्राम रील के जरिए हुआ। ओडिशा वन विभाग के कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिला, जिसमें दो व्यक्ति मृत भारतीय विशाल गिलहरियों के साथ दिखाई दे रहे थे। इस इनपुट के आधार पर छत्तीसगढ़ वन विभाग ने त्वरित जांच शुरू की। साइबर सेल और जमीनी सूचनाओं के मेल से आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई।
छापेमारी में भालू की खाल और फंदे बरामद
सोशल मीडिया रील से बेनकाब हुआ शिकारी:तफ्तीश के बाद वन विभाग की टीम ने 8 अप्रैल को दंतेवाड़ा जिले के बारसूर क्षेत्र में दबिश दी। यहाँ से मुख्य आरोपी बंशीराम कोवासी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान न केवल शिकार के सबूत मिले, बल्कि आरोपी के घर से एक स्लॉथ बेयर (भालू) की खाल और जंगली जानवरों को फंसाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई लोहे के फंदे भी बरामद किए गए।
मांस के लालच में किया दुर्लभ प्रजाति का शिकार
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने और उसके साथियों ने जंगली मांस के सेवन के उद्देश्य से इन गिलहरियों का शिकार किया था। फिलहाल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस और वन विभाग की टीमें गरियाबंद और दंतेवाड़ा के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।
क्यों खास है भारतीय विशाल गिलहरी?
सोशल मीडिया रील से बेनकाब हुआ शिकारी:भारतीय विशाल गिलहरी (वैज्ञानिक नाम: Ratufa indica) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत एक संरक्षित प्रजाति है। इसके मुख्य तथ्य निम्नलिखित हैं:
राजकीय पशु: यह महाराष्ट्र का राजकीय पशु है।
पारिस्थितिकी तंत्र की कड़ी: इन्हें ‘बीज प्रसारक’ माना जाता है, जो घने जंगलों को नया जीवन देने और जैव विविधता बनाए रखने में मदद करती हैं।
सूचक प्रजाति: इनकी उपस्थिति एक स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत देती है।
कठोर कार्रवाई की चेतावनी
सोशल मीडिया रील से बेनकाब हुआ शिकारी:वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और उनके अंगों के अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध व्यापार की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय वन कार्यालय को सूचित करें।
सोशल मीडिया रील से बेनकाब हुआ शिकारी:यह लेख समाचार रिपोर्टिंग के उद्देश्यों के लिए लिखा गया है और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाता है।



















